नए भारत के निर्माण की आधारशिला होगी नई शिक्षा नीति – केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल

  |    August 22nd, 2020   |   0

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हिंदी विश्‍वविद्यालय के 56 आवासों वाले साकेत संकुल का ऑनलाइन लोकार्पण किया

वर्धा (संवाददाता)- महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में साकेत संकुल का ऑनलाइन लोकार्पण भारत सरकार के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के कर कमलों से सम्मपन हुआ। इस अवसर पर ऑनलाइन संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 भारत के निर्माण की आशारशिला बनेगी । स्‍वर्णिम भारत की स्‍थापना के लिए नई शिक्षा नीति एक महत्‍वपूर्ण उपकरण साबित होगी। उन्‍होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में महात्‍मा गांधी की नई तालीम को जगह दी गई है।

विश्‍वविद्यालय के हबीब तनवीर सभागार में आयोजित समारोह में कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने केंद्रीय मंत्री,सांसद व अतिथियों का स्‍वागत किया। समारोह में वर्धा के सांसद रामदास तडस, जिलाधिकारी विवेक भीमनवार, प्रतिकुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद शुक्‍ल, प्रतिकुलपति प्रो. चंद्रकांत रागीट, कुलसचिव कादर नवाज़ ख़ान, वर्धा जिला नियोजन अधिकारी अरविंद टेंभुर्णे सहित अधिष्‍ठाता, विभागाध्‍यक्ष एवं प्रशासनिक अधिकारी प्रमुखता से उपस्थित थे।

56 आवासों वाले साकेत संकुल का लोकार्पण 21 अगस्‍त को अपराह्न किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मंगलाचरण से किया गया। साहित्‍य विद्यापीठ की अधिष्‍ठाता प्रो. प्रीति सागर ने साकेत वैभव से संबंधित चयनित अंशों का तथा बौद्ध ग्रंथ सुत्‍तपिटक के मज्झिम निकाय का पालि भाषा में पाठ किया । कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव कादर नवाज़ ख़ान ने किया तथा आभार प्रतिकुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद शुक्‍ल ने ज्ञापित किया।

ऑनलाइन लोकार्पण के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आचार्य देवो भव और गुरु रं ब्रम्‍हा.. का उल्‍लेख करते हुए कहा कि हमारे शिक्षक भारत के गौरव को आगे ले जा सकते हैं। उन्‍होंने महात्‍मा गांधी को याद करते हुए कहा कि वर्धा एक साधना की धरती है। इसी धरती से गांधी जी ने सेवाग्राम में रहते हुए अपने अनेक कार्यक्रमों के माध्‍यम से प्रकाश फैलाने का काम किया। यहां से ही उन्‍होंने सत्‍य, अहिंसा और प्रेम का संदेश पूरी दुनिया को दिया है। गांधी जी ऐसे व्‍यक्ति थे जिन्‍होंने उत्‍तराखंड राज्‍य के सुदूर अल्‍मोडा में भी आत्‍मनिर्भरता का प्रसार किया।

उन्‍होंने विश्‍वविद्यालय से अपेक्षा की कि यहां से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी गांधी योद्धा के रूप में पूरी दुनिया में सत्‍य, अहिंसा, शांति, आत्‍मीयता,सौहार्द और संस्‍कृति का फैलाव करें। उन्‍होंने कहा कि सुख, शांति और प्रगति के लिए गांधी विचार आज भारत ही नहीं अपितु पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं।

केंद्रीय मंत्री पोखरियाल ने हिंदी और अन्‍य भारतीय भाषाओं का संदर्भ लेते हुए कहा कि हिंदी भाषा में सभी भाषाओं को समाहित करने की शक्ति है। संविधान की सूची में वर्णित 22 भारतीय भाषाओं में हर भाषा का अपना अलग महत्‍व है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल के नेतृत्‍व में हिंदी विश्‍वविद्यालय कुलपति प्रो.शुक्‍ल जी के नेतृत्‍व में शिखर को चूमेगा।

उन्‍होंने हिंदी के साथ-साथ संस्‍कृत के महत्‍व को बताया। उनका कहना था कि संस्‍कृत में ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान का विपुल भंडार है । आज दुनिया में 250 से अधिक विश्‍वविद्यालयों में संस्‍कृत की पढ़ाई होती है। उन्‍होंने नई शिक्षा नीति और मातृभाषा के संबंध में कहा कि पांचवीं कक्षा तक यानी प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में करने का प्रावधान शिक्षा नीति में किया गया है और राज्‍य चाहें तो उच्‍च शिक्षा भी मातृभाषा में उपलब्‍ध करा सकता है।

इससे भाषाओं को बचाया जा सकेगा और उनकी खुशबू बरकरार रह सकेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्‍व में स्‍वच्‍छ भारत, स्‍वस्‍थ भारत, सशक्‍त भारत, स्‍टार्ट अप, स्‍टैंड अप, मेक इन इंडिया आदि प्रभावकारी कदमों से भारत आत्‍मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि आगामी शिक्षक दिवस 5 से 25 सितंबर के दौरान देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक नई शिक्षा नीति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाएंगे। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि यह शिक्षा नीति स्‍वर्णिम भारत की स्‍थापना करेगी।

वर्धा जिले के सांसद रामदास तडस ने अपने शुभेच्‍छा वक्‍तव्य में नई शिक्षा नीति को लेकर कहा कि समाज के आखरी आदमी तक शिक्षा पहुंचाने में यह नीति कारगर साबित होगी। उन्‍होंने हिंदी विश्‍वविद्यालय के वर्धा में होने पर हर्ष जताते हुए कहा कि देश-विदेशों के विद्यार्थी इस विश्‍वविद्यालय के कारण वर्धा आ रहे हैं। यह हम सब के लिए गौरव की बात है।

स्‍वागत वक्‍तव्‍य में कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल केंद्रीय शिक्षा मंत्री का हार्दिक स्‍वागत करते हुए कहा कि हिंदी विश्‍वविद्यालय हिंदी के माध्‍यम से सभी भारतीय भाषाओं में शोध और अनुवाद में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्‍होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को जन-मन के आकांक्षाओं को जानने वाले मंत्री श्री पोखरियाल जी को इस नीति को लाने में महती भूमिका रही है।

कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कोरोना संकट में वर्धा को सुरक्षित करार देते हुए जिलाधिकारी को इसके लिए बधाई दी । आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्‍य में विश्‍वविद्यालय में अब तक शिक्षा लिए हुए विभिन्‍न देशों के विद्यार्थियों का ऑनलाइन सम्‍मेलन आयोजित करने की जानकारी कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने दी तथा नई शिक्षा नीति पर एक पुस्‍तक शीर्घ जारी करने की घोषणा भी की।