विकास बब्बर चुने गए दिल्ली स्टेट कॉपी मनुफक्चरर्स एसोसिएशन चावड़ी बाजार के प्रधान

  |    January 7th, 2019   |   0

कॉपी उधोग की GST दरों में समानता लाई जाए : विकास बब्बर

नई दिल्ली (आर.के.शर्मा)-दिल्ली स्टेट कॉपी मनुफक्चरर्स एसोसिएशन, चावड़ी बाजार नें अपनी नए कार्यकारणी का गठन किया। सभी सदस्य का निर्विरोध चुनाव सम्पन्न हुआ जिसमें निर्विरोध निर्वाचित सदस्य विकास बब्बर प्रधान बने वहीं पवन कुमार सूद महामंत्री, सुशील सचदेवा कोषाध्यक्ष, देशराज गुलयानी को उपप्रधान एवं रमेश कुमार अनेजा, सह-सचिव प्रवीण जुनेजा को चुना गया। नए कार्यकारणी गठन एवं नववर्ष 2019 अभिनन्दन समारोह धर्मशाला श्री दिगंबर जैन, नया मंदिर जी, धर्मपुरा, चावड़ी बाजार में हुआ।

कार्यकारणी के सदस्यों नें सबको नव वर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व प्रधान विनोद कुमार गुप्ता, राज कुमार सचदेवा एवं पेपर मार्किट एसोसिएशन के प्रधान व पूर्व प्रधान भी उपस्थित थे। इस मौके पर प्रधान विकास बब्बर नें कहा – ” जल्द ही अपने उधोग की समस्याओं का लेकर भारत सरकार एवं दिल्ली सरकार के मंत्रियों मुलाकात करेंगे। उनके सामने कॉपी मनुफक्चरर्स की मांग रखेंगे।

महामंत्री पवन कुमार सूद नें कहा-“कॉपी मनुफक्चरर्स इस समय बहुत सी चुनोतियों का सामना कर रहा है, बड़े उधोगीक घराने हमारे उधोंग पर कब्ज़ा जमाने का पुरजोर प्रयास कर रहे है । सरकार को हमारी और ध्यान देना चाहिए”। इस अवसर पर पत्रकारों को सम्बोधित करते हुआ कार्यकारणी सदस्यों नें भारत सरकार, दिल्ली सरकार एवं प्रशासन से मुखय मांगे एवं समस्या को रखा कर्मचारियों के न्यूनतम पारिश्रमिक की वजह से व्यापक भष्टाचार हो रहा है।कॉपी मनुफक्चरर्स अपने उधोग को दिल्ली से पड़ोसी राज्यों में पलायन की सोच रहे है। कर्मचारियों में बेरोजगारी भी बड़ रही है। सरकार व बैंक कॉपी मनुफक्चरर्स को कम दर पर और आसानी से ऋण उपलब्ध करवाए, ताकि कॉपी व्यापारी अपने उधोग का विस्तार कर सके एवं रोजगार के साधन उपलबध करा सके। पेपर प्रोडक्ट्स में एक सामान GST किया जाए, जैसे कि कॉपी पर GST 12% है और फाइल, डायरी, स्लिप पैड पर GST 18% है, पेपर से बनेवाली चीजों पर GST की दर में समानता होनी चाहिए। कॉपी मनुफक्चरर्स की ट्रेडिंग शॉप्स, ऑफिस, शोरूम को सील किया जा रहा है, इसे तुरंत रोका जाए और राहत दी जाए। बाकि बचे कॉपी मनुफक्चरर्स को फैक्ट्री के लिया स्थाई जगह दिल्ली के उधोगीक क्षेत्रो में दी जाए। बाजार में सार्वजनिक सुविधाओं का नवनीकरण किया जाए और मेंटेनेंस कि उचित व्यस्था की जाए। ट्रैफिक की समस्या का समुचित हल निकाला जाए।