दिल्ली की सब्जी मंडियों में टमाटर का बुरा हाल किसानों ने सड़कों पर फेंका टमाटर

  |    May 21st, 2020   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)-दिल्ली की आजादपुर, केशोपुर व  गाजीपुर मंडी में टमाटर किसानों खीददार नहीं मिलने पर सड़कों टमाटर फेंकने को मजबूर हुए। अखिर परेशान किसान करता भी तो क्या? इस दौरान किसानों ने कई किवेन्टल टमाटर सडकों पर फेंक दिया। जिसे मौके पर ही आवारा पशुओं ने खाना शुरू कर दिया, तो मंडी में घुमने वाले लोगों ने भी मुफ्त में ही सड़क पर गिरे टमाटर से थैले भरने लगे।

दिल्ली की मंडी में फिल-हाल राजस्थान व हरियाणा के लाडवा क्षेत्र के किसानों का टमाटार आरहा है। किसानों का कहना है कि इस वक्त मंडी में खरीददारों के न होने से फसलें सही दामों में नही बिक रही हैं। आज गाजीपुर, आजादपुर, केशोपुर जैसी सभी सब्जी मंडियों में टमाटर का भाव एक से दो रूपए किलों का रहा। जिसे देख किसान नाराज हो गए और देखते ही देखते टमाटार से भरे अपने वाहनों से टमाटरों को नीचे सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया।

दिल्ली की सब्जी मंडियों में टमाटर किसानों की इस हालत पर अजाद पुर सब्जी मंडी के निर्वाचित सदस्य अनिल मलहोत्रा ने कहाकि तरफ कोरोना और दूसरी तरफ मौसम की मार ने किसानों का जीना मुहाल किया हुआ है, वहीं सरकार मूक दर्शक बन कर किसानों की बरबादी का तमाशा देख रही है। किसानों व व्यापारियों ने कहाकि सरकार को टमाटर ही बल्कि सभी सबजियों का एक निश्चित मूल्य तय करना चाहिए।

ताकि किसान को अपनी फसलें सडकों पर ना फेंकनी पड़े। क्योंकि किसान जब किसी फसल को मंडी तक लेकर आता है तो उस पर बहुत खर्च आता है यदि किसान को मंडी तक फसल लाने का खर्चा भी अपनी जेब से देना पड़े तो बहुत गहन चिंता का विष्य हो जाता है। इसके साथ ही मलहोत्रा ने सरकार से यह भी मांग की कि किसानों के लिए बारदाना मुहैया करवाए, बुराडी से जाकर टॉकन लाने की परंपरा खत्म करते हुए गाडियों को सीधा मंडियों में जाने देना चाहिए, शीघ्र ही मंडियों की समय सीमा खत्म करें और किसानों कों मंडी तक फसल लाने के लिए किराया दिया जाए।