यूएस किड्स गोल्फ इंडिया टूर सम्पन्न : इंडियन जूनियर मास्टर्स और यूएस किड्स एशियन जूनियर मास्टर्स का एलान

  |    January 31st, 2019   |   0

हर कटेगरी से टॉप गोल्फर को यूएस किड्स वर्ल्ड चैम्पियनशिप, यूरोपीयन चैम्पियनशिप और टीन वर्ल्ड चैम्पियनशिप का टिकट हासिल करने का मौका

गुरुग्राम(संवाददाता)-   क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब गुरुग्राम में गुरुवार को सुपर फाइनल्स के साथ यूएस किड्स गोल्फ इंडिया टूर के पहले संस्करण का सफल समापन हुआ। सुपर फाइनल्स में देश भर के 96 किशोर गोल्फरों ने हिस्सा लिया।

सुपर फाइनल से हासिल डबल प्वाइंट्स के आधार पर युवा गोल्फर दुनिया भर में होने वाले यूएस किड्स चैम्पियनशिप्स, जैसे कि वर्ल्ड चैम्पियनशिप. यूरोपीयन चैम्पियनशिप और टीन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में खेलने की योग्यता हासिल कर सकते हैं।

ब्वॉएज 13-14 साल कटेगरी में कोलकाता के रामायुष रे और दिल्ली के जय बहल 3 ओवर पर टाई कर बैठे। बाद में रे ने शानदार पट के जरिए विजेता बनने का गौरव हासिल किया। अंशुल इसी कटेगरी में तीसरे स्थान पर रहे।

15-18 साल कटेगरी में कोलकाता के कौशल बागरोडिया और जॉयसुर्जो डे ने क्रमश: 76 और 77 का स्कोर हासिल किया। ब्वॉएज की सभी कटेगरी में अच्छा स्कोर हुआ।

ब्वॉएज के 9 साल की कटेगरी में आर्षवंत श्रीवास्तव ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। इस कटेगरी में कानव चौहान ने पहला स्थान हासिल किया। ब्वॉएज 12 साल की कटेगरी में झज्जर सिंह ने पहला स्थान हासिल किया।

लड़कियों की कटेगरी में भी अच्छा प्रदर्शन हुआ। रागिनी नावेत ने 12-14 गर्ल्स कटेगरी में पहला स्थान हासिल किया जबकि सेरेना विक्रम ने 15-18 साल कटेगरी में पहला स्थान पाया। 10-11 साल की कटेगरी में जारा आनंद ने पहला स्थान पाया।

यूएस किड्स गोल्फ इंडिया के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘बच्चों, उनके परिजनों और गोल्फ जगत ने इंडिया टूर को शानदार रिस्पांस दिया। हमें यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि यूएस किड्स गोल्फ इंडिया अगले सीजन से दो वार्षिक आयोजन करेगा। ये टूर्नामेंट यूएस किड्स इंडिया जूनियर मास्टर्स औ्र यूएस किड्स एशियन जूनियर मास्टर्स होंगे। लोकर टूर इससे इतर है। हम भारत में जूनियर गोल्फ को और बृहत रूप देना चाहते हैं।’’

यूएस किड्स गोल्फ इंडिया के टूर्नामेंट निदेशक रोमित बोस ने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट से हमें 13 जूनियर वर्ल्ड चैम्पियन मिले हैं। इस टूर्नामेंट का आयोजन विश्व स्तरीय था। इससे जाहिर है कि हमें आने वाले दिनों में और वर्ल्ड चैम्पियन गोल्फर मिलेंगे।’’

सुपर फाइनल्स के अवसर पर पूर्व क्रिकेटर अंशुमान गायकवाड और भारतीय क्रिकेट टीम के कोच राजकुमार शर्मा भी मौजूद थे। गायकवाड ने बच्चों से भारतीय ड्रेसिंग रूम के अनुभव साझा किए और यह बताया कि सर्वोच्च स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए क्या-क्या करना चाहिए।

कोहली के कोच शर्मा ने बच्चों को बताया कि कठिन मेहनत का कोई स्थानापन्न नहीं है। शर्मा ने कहा, ‘‘विराट प्रतिभाशाली हैं लेकिन बिना कठिन मेहनत के वह वहां तक नहीं पहुंच सकते थे, जहां आज हैं। प्रतिभा से ही काम नहीं चलता। इसके लिए अनुशासन और कठिन मेहनत जरूरी है। विराट ने किसी भी हालत में कभी भी अभ्यास मिस नहीं किया और उनकी सफलता उनकी मेहनत का नतीजा है।’’