यूजीसी अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएँ करवाने की गाइडलाइंस वापस ले, छात्रों को पिछले प्रदर्शन के आधार पर किया जाए प्रोमोट : केवाईएस

  |    July 7th, 2020   |   0

नई दिल्ली (संदीप कौशिक)- क्रांतिकारी युवा संगठन(केवाईएस) ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को यूजीसी द्वारा अंतिम वर्ष छात्रों की परीक्षाएँ करवाने की गाइडलाइंस की वापस करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में जानकारी देते हुए क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) दिल्ली राज्य समिति सचिव हरीश गौतम ने बताया कि केवाईएस ने छात्र हितों के लिए यूजीसी द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस को वापस लिए जाने की मांग की है। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंपा ज्ञापन भी दिया गया है। केवाईएस मांग करता है कि यूजीसी तत्काल छात्रों हित में नई गाइडलाइंस जारी करे।

मौजूदा समय में अंतिम वर्ष के छात्रों कोविड-19 महामारी के कारण भारी मानसिक तनाव में हैं, जिस कारण से अधिकतर छात्रों के लिए परीक्षाएँ देना संभव नहीं है। यह भी ध्यान देने की बात है कि परीक्षाओं को लेकर जारी की गई पूर्व गाइडलाइंस ने भी छात्रों के बीच घबराहट का माहौल पैदा किया था, लेकिन यूजीसी पैनल की अनुसंशा ने परीक्षाओं को पूर्णता रद्द करने का सुझाव था।  जिससे छात्रों को बड़ी राहत मिलने की आशा थी। ऐसे में यूजीसी की नई गाइडलाइंस, जिसके अनुसार छात्रों को सितम्बर माह के अंत में परीक्षाएँ देनी होंगी ने छात्रों की उम्मीदों और आशाओं पर पानी फेर दिया है।

ज्ञात हो कि देश-भर में छात्रों और शिक्षकों ने ओपन बुक परीक्षा के प्रति अपनी व्यापक समस्याएँ जताई हैं।  शिक्षक और छात्र संगठनों, उच्च शिक्षण संस्थानों के विभागों द्वारा करवाए गए सर्वेक्षणों से साफ ज़ाहिर है कि न छात्र और न ही शिक्षक ऑनलाइन परीक्षा के पक्ष में हैं।

 विभिन्न परेशानियां जो सामने आई हैं, उनमें सिलेबस का अधूरा होना, किताबों एवं अन्य स्टडी मटेरियल की अनुपलब्धता के साथ ऑनलाइन परीक्षा देने के साधन तक पहुँच न होना, सबसे मुख्य हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को दिये गए कई ज्ञापनों में केवाईएस एवं अन्य संगठनों ने लॉकडाउन और कोरोना महामारी के चलते छात्रों और उनके परिवारों को हो रही समस्याओं को भी बताया है।  इसके अतिरिक्त, अधूरी पढ़ाई और लॉकडाउन के दौरान बेहद ही खराब स्थिति होने के कारण बहुसंख्यक छात्रों के लिए पढ़ाई करना लगभग असंभव रहा है। ऐसे में ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षाएँ न तो करवाना संभव है, और न ही इसकी ज़रूरत है।

यूजीसी की गाइडलाइंस से साफ है कि प्रशासन एवं अधिकारी छात्रों और शिक्षकों की चिंताओं से बिलकुल विमुख हैं।  केवाईएस मांग करता है कि डीयू और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में तुरंत अंतिम सेमेस्टर/वर्ष के छात्रों के लिए ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा के फैसले को रद्द किया जाए, यूजीसी द्वारा जारी नई गाइडलाइंस को वापस लिया जाये और नए दिशा-निर्देश जारी कर सभी छात्रों को उनकी पिछले सालों के प्रदर्शन के आधार पर प्रोमोट किया जाए।