रंगमंच जनसंचार का भी एक प्रभावी माध्‍यम : प्रोबीर गुहा

  |    August 22nd, 2018   |   0

महात्‍मा गांधी विश्‍वविद्यालय में आठ दिवसीय अभिनय एवं शरीर संचालन कार्यशाला का समापनवर्धा(समाचार डेस्क)- रंगमंच ज्ञान, ऊर्जा ओर नवाचार का केंद्र होता है। प्रयोगधर्मिता और सामाजिक प्रतिबद्धता से यह केंद्र अधिक मुखर होता है। इसलिए रंगमंच जनसंचार का भी एक प्रभारी माध्‍यम है। उक्‍त बातें अंतरराष्‍ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त रंगकर्मी प्रोबीर गुहा, कोलकाता ने व्‍यक्‍त की। वे महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय के प्रदर्शनकारी कला विभाग की ओर से ‘अभिनय और शरीर संचालन’ विषय पर आठ दिवसीय कार्यशाला के समापन पर बोल रहे थे।
विश्‍वविद्यालय के हबीब तनवीर सभागार में चली कार्यशाला का समापन प्रतिकुलपति प्रो. आनंद वर्धन शर्मा की अध्‍यक्षता में किया गया। अमेरिका, बोस्‍टन की मूल भारत वंशीय नारीवादी लेखिका लक्ष्‍मी देसाई विशेष अतिथि उपस्थित थी।कार्यक्रम की प्रस्‍तावना प्रभारी विभागाध्‍यक्ष डॉ. सतीश पावड़े ने रखी। अध्‍यक्षीय वक्‍तव्‍य में प्रो. आनंद वर्धन शर्मा ने रंगमंच के अध्‍ययन अभ्‍यास, नाट्यप्रदर्शन, नाट्य लेखन के महत्‍व पर प्रकाश ड़ाला। लक्ष्‍मी देसाई ने भी समयोचित विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन तथा आभार ज्ञापन कार्यशाला समन्‍वयक डॉ. सुरभि विप्‍लव ने किया। इस अवसर पर विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिषेक सिंह, ग्‍यासुद्दीन खान, तकनीकी सहायक डॉ. हिमांशु नारायण उपस्थित होते. कार्यक्रम में प्रतिकुलपति प्रो. शर्मा की ओर से प्रोबीर गुहा का सम्‍मान किया गया। कार्यशाला के अंतिम सत्र में कार्यशाला में निर्मित विभिन्‍न नाटकों की प्रस्‍तुतियां दी गयी। कार्यशाला की सफलता हेतु प्रगति मनवर, राजदीप राठौर, उमेश प्रजा‍पति ने सहयोग किया।