टाटा पावर-डीडीएल और टाटा पावर सोलर ने दिल्ली में खोला देश का पहला रूफटॉप सोलर कारपोर्ट

  |    November 27th, 2017   |   0

इस प्लांट से मॉल को सालाना बिजली बिलों में 50 लाख रु की बचत होगी

 नई दिल्ली(संवाददाता)- एनर्जी एफिशिएंट उपायों को अपनाने तथा रूफटॉप सोलर पावर जेनरेशन को बढ़ावा देने के मकसद से, भारत में बिजली वितरण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टाटा पावर-डीडीएल ने रोहिणी स्थित यूनिटी वन मॉल में 300 किलोवाट के रूफटाफ सोलर पावर कारपोर्ट का उद्घाटन किया। इस प्लांट से हर साल 4,20,000 यूनिट ग्रीन एनर्जी का उत्पादन होने की संभावना है जिससे मॉल के दैनिक परिचालनों को अंजाम दिया जाएगा।

इससे हर साल करीब 438 मैट्रिक टन (एमटी) कार्बन डाइ ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी तथा बिजली बिलों में भी सालाना 50 लाख रु की बचत होने का अनुमान है। प्लांट के पूरे जीवनचक्र में कुल 12 करोड़ रु की बचत होगी। टाटा पावर-डीडीएल और टाटा पावर सोलर ने नेशनल एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज (एनएपीसीसी) के तहत् संयुक्त रूप से प्लांट लगाया है।

दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली विधायक मोहिंदर गोयल, टाटा पावर-डीडीएल और टाटा सोलर तथा यूनिटी मॉल के वरिष्ठ अधिकारीगण, दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारीगण तथा उद्योग के अन्य प्रमुख कार्मिक भी उपस्थित थे।

रूफटॉप सोलर पावर इंस्टॉलेशन के लिहाज से शॉपिंग मॉल काफी आदर्श होते हैं क्योंकि इनमें काफी बड़ी छतें होती हैं। प्रायः दिन के समय इनमें पीक डिमांग होती है और यही समय पीक सोलर जेनरेशन का भी है, जो कि इन शोपिंग अड्डों को सौर ऊर्जा के जरिए अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करने का मौका देता है। सोलर पावर प्लांट के रखरखाव पर काफी कम खर्च आता है और यह दो दशकों से भी अधिक की अवधि के लिए भरोसेमंद बिजली सप्लाई सुनिश्चित करता है तथा सालाना मूल्यह्रास 1 फीसदी से भी कम होता है।

कमर्शियल संस्थापनाएं जैसे मॉल, अस्पताल, शैक्षिक संस्थान वगैरह टाटा पावर-डीडीएल की मदद से अपने परिसरों में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर सकते हैं। टाटा पावर-डीडीएल को इस संदर्भ में सोलर फोटो वोल्टैक (पीवी) प्रोजेक्ट्स के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) से ’सोलर पावर में खास रेटिंग प्राप्त हुई है और कंपनी मंत्रालय की पहली यूटिलिटी चैनल पार्टनर के तौर पर पैनलबद्ध है। यह सर्वोच्च ग्रेडिंग सोलर पीवी प्रोजेक्ट्स के लिए सिस्टम इंटीग्रेषन करने की टाटा पावर-डीडीएल की ’अधिकतम कार्य क्षमता‘ तथा ’अधिकतम वित्तीय ताकत‘ की सूचक है।

ग्रिड कनेक्टेड, रूफटॉप आधारित पीवी पावर प्लांट का जीवनचक्र 25 वर्षों का है और 1 किलोवाट पीवी पावर प्लांट साल में 1400 यूनिटों तक का उत्पादन करेगा। सोलर प्रोजेक्ट्स के जरिए सभी श्रेणियों के उपभोक्ता-रेजीडेंशियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनों को अपने बिजली बिलों में बचत का भारी फायदा मिल सकता है। टाटा पावर-डीडीएल अपने ग्राहकों को अपनी इंपेनल्ड एजेंसियों के मार्फत संपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है।

उद्घाटन अवसर पर प्रवीर सिन्हा, सीईओ एवं एमडी, टाटा पावर-डीडीएल ने कहा, ’’हम सोलर एनर्जी के प्रसार में काफी सक्रिय हैं और अपनी तरह का यह पहला सोलर कारपोर्ट प्लांट अधिकाधिक उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। हम सोलर पावर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में अपने प्रयासों में तेजी जारी रखते हुए, भारत को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाने के मकसद से शुरू किए गए नेशनल सोलर मिशन के लिए योगदान जारी रखेंगे।‘‘

टाटा पावर-डीडीएल रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के क्षेत्र में काफी सक्रिय है और इसे अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें नेशनल अवार्ड फॉर प्रमोशन ऑफ रूफटॉप सोलर प्रोग्राम्स षामिल हैं। टाटा पावर-डीडीएल को एनर्जी-एफिषिएंसी इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा नेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन एनर्जी मैनेजमेंट एंज एन इनोवेटिव एनर्जी सेविंग सर्विस से भी सम्मानित किया जा चुका है।

टाटा पावर-डीडीएल दिल्ली सरकार तथा टाटा पावर का संयुक्त उपक्रम है। जो दिल्ली के उत्तर व उत्तर-पश्चिमी इलाकों में करीब 70 लाख की आबादी को सेवाएं प्रदान करती है। टीपीडीडीएल देश की राजधानी में बिजली वितरण सुधारों को क्रियान्वित करने में सबसे आगे रही है और इसे कस्टमर फ्रैंडली नीतियों को लागू करने के लिए जाना जाता है। निजीकरण के बाद से, टाटा पावर-डीडीएल ने एकीकृत तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटीएंडसी) घाटे में रिर्कार्ड गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में, कंपनी का एटीएंडसी घाटा 8,59 प्रतिशत पर है, जिसमें जुलाई 2002 के शुरूआती घाटा स्तर 53 प्रतिशत से करीब 82 की अभूतपूर्व गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी स्मार्ट मीटरिंग, होम ऑटोमेशन, स्मार्ट ग्रिड, इलैक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सोलर रूफटॉप नेट मीटरिंग समेत अनेक परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। टाटा पावर-डीडीएल कुर्दिस्तान, तुर्की, इराक समेत देश के 19 राज्यों में कन्सल्टैंसी के जरिए टेक्निकल एवं मैनेजमेंट सपोर्ट भी मुहैया करा रही है। वल्र्ड बैंक ने अपनी 2017 ’डूइंग बिज़नेस‘ रिपोर्ट में टाटा पावर-डीडीएल को नया कनेक्षन हासिल करना आसान और त्वरित बनाकर भारत में ’गैटिंग इलैक्ट्रिसिटी‘ की रैंकिंग को 2016 में 70 की बजाय 2017 में 26 तक पहुंचाकर 44 अंकों का सुधार दर्ज किया गया है।