सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता का 60वां संस्करण 20 अगस्त से दिल्ली में होगा शुरू

  |    August 9th, 2019   |   0

देश-दुनिया की 16 अंतराष्ट्रतिया टीमों समेत कुल 112 युवा टीमें लेंगी भाग

नई दिल्ली (राजेश शर्मा)- राजधानी दिल्ली में 20 अगस्त को एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी युवा फुटबॉल प्रतियोगिता सुब्रतो कप अंतराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट के 60वें संस्करण का आगाज किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में 16 अंतर्राष्ट्रीय टीमें भी भाग लेंगी।

इस संबंध में सुब्रतो मुखर्जी स्पोर्ट्स एजुकेशन सोसायटी द्वारा दिल्ली स्थित एयर फ़ोर्स स्टेशन में आयोजित पत्रकार सम्मेलन के दौरान 60वें संस्करण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर भारतीय वायु सेना के एयर मार्शल पी.पी बापट वीएसएम, प्रभारी अधिकारी प्रशासन और सुब्रतो मुखर्जी स्पोर्ट्स एजुकेशन सोसायटी के उपाध्यक्ष तथा भारतीय महिला टीम की पूर्व कैप्टन दलिमा छिब्बर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस साल 60वां डायमंड जुबली अध्याय है, जिसमें अब तक की सबसे ज़्यादा 112 टीमों के भाग लेने की पुष्टि की गई। यह प्रतियोगिता तीन श्रेणीओं में खेली जाती है- सब-जूनियर बॉयज (U-14) और जुनियर (U-17) बॉयज तथा गर्ल्ज़ की टीमें हैं। जिसमें 16 अंतराष्ट्रीय टीम भी भाग लेंगी।

समारोह में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सुब्रतो मुखर्जी स्पोर्ट्स एजुकेशन सॉसाययटी के ऑनरेरी सेक्रेटरी ग्रुप कैप्टन दीपक अहलुवलिया ने जानकारी देते हुए कहा की डायमंड जुबली अध्याय को ध्यान में रखते हुए सुब्रतो कप में मिलने वाली पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गई है।

जहाँ तीनों श्रेणियों के विजेता और उप-विजेता की राशि में 50 हजार रुपयों तक की बढ़ोतरी की गई है, वही सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा सर्वश्रेष्ठ गोल कीपर को भी इस बार 40 हजार से बढ़ा कर 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। इस तरह से अब सब-जुनियर बॉयज के विजेता टीम को 3 लाख राशि और उप-विजेता को 1,75,500 रुपऐ का पुरस्कार मिलेगा। जबकि जूनियर वर्ग के बॉयज और गर्ल्ज़ के विजेता टीम को 4 लाख की राशि तथा उप-विजेता टीमों को 2 लाख 50 हजार के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

टूर्नामेंट का शुभारंभ 20 अगस्त को सांय काल दिल्ली के अंबेडकर स्टेडियम में किया जाएगा, यहां खेले जाने वाले सभी मुकाबले नॉक आउट आधार पर होंगे, जबकि राउंड रॉबिन गेम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य मैदानों पर भी में खेले जाएंगे।

कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए एयर मार्शल बापट ने कहा, “हमारे लिए यह 60वें अध्याय की मेज़बानी करना बहुत ही गर्व का मौक़ा है। भारतीय वायु सेना हमेशा से ही मानव समाज के विकास में खेल-कूद के योगदान को अहम मानती है। फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है। वायु सेना वाले भी इस खेल को उतना ही दिलो-जान से चाहते है। इस प्रतियोगिता की बढ़ती विश्व-व्यापी लोकप्रियता से इस बात से पता चलता है की इसमें खेलने वाले टीमों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी होती देखी गई है।

भारत की महिला टीम की पूर्व कैप्टन दलिमा छिब्बर ने अपनी बात रखते हुए कहा, “आज मेरे लिए बहुत गर्व का दिन है। इसका रुतबा हर साल बढ़ता ही रहा है। भारत में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता। अगले साल देश में खेले जाने वाले FIFA U-17 वुमेंस वर्ल्ड कप को ज़हन में रखते हुए इस बात की ज़रूरत है की युवा पीढ़ी अधिक से अधिक को इस खेल से जुङें और इस अवधि में ज़्यादा से ज़्यादा फुटबॉल टूर्नामेंटों का आयोजन किया जाना चाहिए। यही वो मंच  है जिनके सहारे भविष्य के प्रतिभाओं को उभरने का मौक़ा मिलता है और भारतीय फुटबॉल को ऐसे युवाओं की ज़रूरत है जो खेल को सकारात्मक तरीक़े से प्रभावित कर सके। सुब्रतो कप हर साल हमारे नई पीढ़ी की प्रतिभाओं को बाहर निकालने के लिए सकारात्मक काम करता है।