शेयर ब्रोक्रिज का बिजनेस मॉडल इन दिनों बदलाव के दौर से गुजर रहा है : अपस्टॉक्स सीईओ

  |    April 18th, 2018   |   0
नई दिल्ली (सिटि डेस्क)-शेयर ब्रोक्रिज का बिजनेस  मॉडल इन दिनों बदलाव के दौर से गुजर रहा है  और इसका प्रमुख  कारण नये  युग की प्रौद्योगिकी है, जो यह सुनिश्चित करती है  कि  ब्रोकर्स शाखाएं खोले बगैर भी कारोबार कर सकते हैं। मशहूर  उद्योगपति रतन  टाटा द्वारा समर्थित कंपनी अपस्टॉक्स ऐसे शेयरब्रोकर्स की पीढ़ी से जुड़ी है, जो ‘डिस्काउंट  ब्रोकिंग फर्म्स’के रूप में जाने जाते हैं। ये विचार अपस्टॉक्स सीईओ ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रखे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अपस्टॉक्स जैसे डिस्काउंट  ब्रोकर्स ऑनलाइन कारोबार  संचालित करते हैं  और यही कारण है  कि वे किफायती लागत पर भी मिला लाभ अपने  ग्राहकों को उपलब्धकराने में सक्षम होते हैं।  यह कंपनी उन ग्राहकों से कोई शुल्क  नहीं लेती  जो  निवेश  के  उद्देश्य से शेयरों की खरीद अथवा  बिक्री करते  हैं और शेयरों की डिलीवरी लेतेहैं। यह अन्य सभी  सेग्मेंटों के  लिए अंतर्दिवसीय ऑर्डर पर मात्र 20  रुपये का समान प्रभार लेता है। अपस्टॉक्स के सह-संस्थापक  एवं  मुख्य  कार्यकारी अधिकारी  (सीईओ) ने  बताया, “अपस्टॉक्स शेयर निवेश करने वाले ग्राहकों  से  ब्रोक्रिज  शुल्क न वसूलने के लिए सक्षम है, क्योंकि हम प्रत्येक स्तर पर परिचालन  लागत में कटौती के  लिए डिजाइन एवं टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल  करते हैं और  इसका लाभ  अपनेग्राहकों को  देते हैं।”  कंपनी उन क्षेत्रों में  आधुनिक  प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल  करती है  जहां उसे  परिचालन लागत और समय में  कटौती करनी  होती  है।  इससे कस्टमर को  न्यूनतम लागतपर बेहतरीन  अनुभव प्राप्त  होता है। कंपनी सभी कागजी कार्यों को  समाप्त करके  और अत्यधिक लागत वाली  शाखाएं न खोलकर  परिचालन  लागत में कटौती  करपाने में  सक्षम रही है।कंपनी का  दावा है कि उसके  ‘डिस्काउंट ब्रोक्रिज  प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से  दूसरी और तीसरी  श्रेणी के  शहरों के अधिक से अधिक  लोग शेयर बाजार से जुड़ रहे हैं। अपस्टॉक्स के  ऑनलाइन  प्लेटफॉर्म से छोटे शहरों  एवं नगरों के लोगों के  जुड़ने का प्रमुख कारण यह है  कि इस कंपनी के हाईटेक कारोबारी  प्लेटफॉर्म का  इस्तेमालकम  बैंडविथ  वाले कनेक्शनों के माध्यम से भी सहज हो सकता है। भारत में स्मार्टफोन क्रांति, मोबाइल  उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या और  इंटरनेट  डाटा  सस्ता  होनेके कारण आम आदमी भी  अब  मोबइल फोन  एवं डेस्कटॉप  कम्प्यूटरों  के माध्यम से शेयर बाजार से जुड़ने में सक्षम हो रहा है। दूसरी और तीसरी  श्रेणी के शहरों में स्मार्टफोन  का बाजार 2017 में  एक साल  पहले की  तुलना  में 18 प्रतिशत बढ़ा है, जो शहरी बाजारों की तुलना में दोगुना है। इसकेसाथ ही निवेशकों के  प्रोफाइल में तेजी से  बदलाव आया है, क्योंकि युवा एवं  वेतनभोगी कर्मचारी  भी शेयर बाजारों के अवसरों के बारे में अधिक जानकारी रखने लगेहैं। देशभर से ये  नये  निवेशक अपने पैसों के इस्तेमाल  को लेकर कोई फैसला  लेने में ज्यादा  स्वतंत्र  हैं और वे शेयर बाजार में निवेश को एक बेहतर विकल्प के रूप मेंमानते हैं।