इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार स्किल होगी तो नौकरी पीछे दौड़ेगी : न्यायधीश विजेंदर जैन

  |    February 12th, 2020   |   0

समाज और इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक ही छात्रों को शिक्षा मुहैया करा रहा है टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज

नई दिल्ली (राजेश शर्मा)- कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज( टिस) और अपार इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूश के सालाना दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पधारे हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायधीश विजेंदर जैन ने संस्थान के छात्रों को ग्रेजुएशन और डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रदान किए।

इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज( टिस) एवं अपार इंडिया के स्टूडेंट्स के प्रीमियम पोस्ट ग्रेजुएशन बैच के सालाना दीक्षांत समारोह में प्रोफेसर नीला दाबिर,( डिन, टिस), राज नेहरू जी (वॉइस चांसलर, श्री विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी, हरियाणा) , अपार इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूश के संस्थापक और चेयरमैन डॉ.आर. के. जैन, अपार इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के निदेशक अपार जैन के साथ कई सम्मानित और विशिष्ट अतिथिगण मौजूद रहे।

इस अवसर पर न्यायधीश विजेंदर जैन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार कौशल विकसित करें, नौकरी अपने आप उनके पीछे दौड़गी। संस्थान को भी विभिन्न इंडस्ट्रीज की जरूरतों को ध्यान में रखकर रोजगारपरक शिक्षा देनी चाहिए।

इसके साथ ही न्यायधीश श्री जैन ने उन सभी छात्रों को शुभकामना दी, जो अपनी पढ़ाई खत्म कर प्रोफेशनल दुनिया में अपना कैरियर शुरू करने जा रहे हैं। इन सभी छात्रों को एचआर और एडमिनिस्ट्रेशन, बैंकिंग और फाइनेंस, सेल्स ऑफ मार्केटिंग में डिग्री मिलने से पहले ही प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट मिल चुका है।

विजेंदर जैन ने कहा,” मैं इन सभी छात्रों का भविष्य की पीढ़ी के मैनेजरों और नेताओं के रूप में स्वागत करता हूं। मैं कामना करता हूं कि आप इस देश को इस सदी में प्रभावी नेतृत्व प्रदान करें।” उन्होंने खुशी जताई कि इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज( टिस) और अपार इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूश जैसे प्रमुख संस्थान भविष्य की समाज की जरूरतों और इंडस्ट्री की डिमांड को पहचानकर उसके मुताबिक ही शिक्षा ही छात्रों को मुहैया करा रहे हैं। ये प्रतिष्ठित संस्थान समानता, सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की सुरक्षा को बढ़ावा देने वाली शिक्षा अपने छात्रों को प्रदान कर रहे हैं।

प्रोफेसर नीला दाबीर (डीन, टिस), ने कहा , ” देश के नीति निर्माताओं को यह समझना चाहिए कि उच्च और मध्यम अवधि का विकास और भारत से गरीबी मिटाने का काम तभी संभव हो सकता है, जब देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाया जाए और हर व्यक्ति को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिले। शिक्षा को ऐसा शक्तिशाली माध्यम बनना चाहिए जो व्यक्ति को रोजगार सृजन के काबिल बनाए।

नए-नए क्षेत्रों में विकास के अवसर मुहैया कराए, समस्याएं सुलझाने के काबिल हो और व्यक्ति की एक पुख्ता पहचान बनाएं। देश के नीति निर्माताओं को यह समझना चाहिए कि उच्च और मध्यम अवधि का विकास और भारत से गरीबी मिटाने का काम तभी संभव हो सकता है, जब देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाया जाए और हर व्यक्ति को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिले। शिक्षा को ऐसा शक्तिशाली माध्यम बनना चाहिए जो व्यक्ति को रोजगार सृजन के काबिल बनाए। नए-नए क्षेत्रों में विकास के अवसर मुहैया कराए, समस्याएं सुलझाने के काबिल हो और व्यक्ति की एक पुख्ता पहचान बनाएं। “

राज नेहरू (वॉइस चांसलर, श्री विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी , हरियाणा), ने स्कूली शिक्षा से संबंधित विभन्न मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए और कहा,” हमें पुरे शिक्षा प्रणाली को बदलने की जरुरत है, लेकिन सवाल ये की पहल कौन करेगा। हम सबको अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है ,पहले सभी के पास जरूरत अनुसार सूचना नहीं होती थी , पर आज के समय सभी के पास सारी तरह की सूचनाये है , जो उन्हें उनके लक्ष्य तक पंहुचा सके , पर कमी है रचनात्मक सोच की , नया सोचने की , टीम के साथ काम करने की। यहाँ हमारी जिम्मेदारी है की हम अपने छात्रों में आत्म विश्वास पैदा करें और उन्हें प्रोत्साहित करें।”

स्किल डेवलपमेंट की पढ़ाई कर रही मेघा गोयल ने कहा, ” मुझे पहले काफी हेसिटेशन होती थी पर जब से अपार इंडिया इंस्टिट्यूट ज्वाइन किया मेरा विश्वाश और स्किल काफी बेहतर बढ़ा है। ”

स्किल डेवलपमेंट के स्नातक अजय कुमार ने कहा , ” मुझे अपार मे पढ़ते 3 साल हो गए है और मुझे इस इंस्टिट्यूट के हर टीचर से काफी मदद और प्रोत्साहन मिला है। मुझे अपार इंडिया द्वारा ट्रैवल एजेंसी में काफी अच्छे सैलरी पर प्लेसमेंट भी मिला है। “

इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए अपार जैन ने कहा, ” मुझे आप सब को बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है की संस्थान से पासआउट होने वाले सभी स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट मिल चुका है। इन सभी छात्रों को वर्क इंटिग्रेटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित किया गया है। इन छात्रों के एक साल के डिप्लोमा प्रोग्राम के तहत 300 घंटे क्लासरूम में और 600 घंटे विभिन्न इंडस्ट्रीज में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। “