शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस18 जून से 70 विधानसभाओं में बिजली-पानी की कमी के विरोध में करेगी प्रदर्शन

  |    June 16th, 2019   |   0

नई दिल्ली(शशिधर शुक्ला)- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित ने घोषणा की कि दिल्ली कांग्रेस 18 जून (मंगलवार), 2019 को दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में दिल्ली में बिजली की भारी कटौती और पानी की कमी के विरोध में प्रदर्शन आयोजित करेगी, क्योंकि आम आदमी सरकार इन समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है ।

प्रदेश कांग्रेस के तीनों कार्यकारी अध्यक्ष, हारुन यूसुफ,राजेश लिलोथिया और देवेंद्र यादव, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करेंगे। लाखों कांग्रेसी कार्यकर्ता और आम जनता 18 जून, 2019 को राजधानी में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होंगे, क्योंकि इस संबंध में आम आदमी पार्टी सरकार के बहरे कानों पर जूं भी नहीं रेंग रही है, क्योंकि केजरीवाल सरकार ने इन समस्याओं को हल  करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

हारून यूसुफ ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के निर्देशानुसार दिल्ली के सभी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन जो दिल्ली में कांग्रेस शासन के दौरान भागीदारी स्कीम का हिस्सा थीं और जो आरडब्ल्यूए भागीदीरी का हिस्सा नहीं थी उन्हें भी सभी 70 विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि गर्मी के इन दिनों में लोगों को बिजली और पानी की किल्लत से परेशान होना पड़ता है। यूसुफ ने कहा कि पानी की न केवल गंभीर कमी है बल्कि जितना पानी मिल रहा हैवह भी लोगों के इस्तेमाल के लाइक नहीं है।

गौरतलब है कि शीला दीक्षित के नेतृत्व में डीपीसीसी का एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 12 जून को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी, और दिल्ली में बिजली और पानी की कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया था,  लोगों के  दुख दूर करने के लिए जरूरी तुरंत उपाय करने की ओर ध्यान दिलाया था।

शीला दीक्षित ने केजरीवाल से बिजली के बिलों में लगाए गए शुल्क और पेंशन फंड को तुरंत वापस लेने के लिए कहा था, क्योंकि बिजली वितरण कंपनियों ने इस मद में  अनावश्यक रूप से करोड़ों रुपये जमा किए हैं। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने केजरीवाल से कहा कि या तो वे बिजली उपभोक्ताओं को पैसा लौटाएं या अगले 6 महीनों में दिल्लीवासियों के बिजली बिलों में समायोजित करें।