स्कूली बच्चों को पर्यावरण रक्षक बनना चाहिए : डॉक्टर हर्ष वर्द्धन

  |    June 4th, 2018   |   0

दुनिया में पहली बार 3 जून विश्व बायसिकल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है

पर्यावरण मंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस की तैयारी में ‘इन्वीथॉन’ को हरी झण्डी दी

नई दिल्ली (संवाददाता)- किसी भी सामाजिक उद्यम में स्कूली बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्द्धन ने स्कूली बच्चों से पर्यावरण रक्षक बनने एवं प्लास्टिक प्रदूषण के संकट से पार पाने में सरकार एवं समाज की सहायता करने का अनुरोध किया।

दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लगभग 200 स्कूलों के 10,000 से भी अधिक बच्चों—जो यहां 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस की तैयारी के लिये आयोजित मिनी मैराथन ‘इन्वीथॉन’में सम्मिलित होने के लिये एकत्रित हुए थे — को संबोधित करते हुए डॉक्टर हर्ष वर्द्धन ने आज यहां कहा कि बच्चों में, जिस भी कार्य में वह संलग्न हों, उसमें शक्ति एवं उत्साह भर देने एवं अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करने की अगाध क्षमता होती है।

मंत्री महोदय ने बच्चों को प्रतिदिन वन ग्रीन गुड डीड का दायित्व लेने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने एवं हमारे दैनन्दिन जीवन में प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतया समाप्त करने में अपनी शक्ति का योगदान करने की शपथ भी दिला इसके बाद डॉक्टर वर्द्धन ने विनय मार्ग, चाणक्यपुरी में ‘इन्वीथॉन’ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ‘एन्वीथॉन’ को रवाना करने के बाद डॉक्टर हर्ष वर्द्धन ने विश्व बायसिकल दिवस के अवसर पर साइकिल भी चलाई।

इस अवसर पर एक नुक्कड़ नाट, गायन एवं नृत्य प्रदर्शनों समेत प्लास्टिक प्रदूषण एवं नदी संरक्षण के विषय पर केंद्रित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी प्रकार की ‘इन्वीथॉन’ का आयोजन देश के पांच अन्य शहरों में भी किया गया।

जनसमूह में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव सी.के. मिश्रा, वन महानिदेशक एवं मंत्रालय में विशेष सचिव सिद्धांत दास, अतिरिक्त सचिव ए.के. जैन एवं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।