SASHASTRA-SEEMA-BAL-OBSERVE-VIGILANCE-AWARENESS-WEEK

  |    November 5th, 2017   |   0

नई दिल्ली(संवाददाता)- केंद्रीय सतर्कता आयोग(सी.वी.सी) के दिशानिर्देशो के अनुसार सशस्त्र सीमा बल ने “भ्रष्टाचार मुक्त भारत” विषय पर अधारित जागरूकता सप्ताह 30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक  मनाया। भ्रष्टाचार जागरूकता सप्ताह की शुरूआत के मौके पर सशस्त्र सीमा बल महानिरीक्षक आदित्य मिश्र ने नई दिल्ली स्थित बल मुख्यालय में सब कर्मियों को भ्रष्टाचार रोकने के लिए सपथ दिलाई।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुडी प्रथाओ के बारे में एस.एस.बी के कर्मचारियों को शिक्षित करना है तथा उन्हें यह भी बताना है की इसको रिपोर्ट कैसे किया जाता है, इस अभियान को जन आन्दोलन मे परिवर्तित करना भी इसका उद्देश्य है। सी.वी.सी के द्वारा किये गए सुधारों जैसे दंडात्मक,प्रतिरक्षात्मक, और सहभागी सतर्कता को मान्यता देना भी है।

इस सप्ताह के दौरान व्याख्यान,चर्चा,प्रश्नोत्तरी,निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बल मुख्यालय एस .एस.बी , आर के. पुरम में श्री केशव राम,पूर्व सी.वी.ओ के द्वारा  सूचनात्मक और शिक्षाप्रद व्याख्यान भ्रष्टाचार उन्मूलन पर किया गया। सी.वी.सी. के मुख्य तकनीकी अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए प्रोद्योगिकी के इस्तेमाल के बारे मे बताया। जबकि पी. एम. पिल्लई ने शिकायतकर्ता की शिकायत व उसकी जांच के विषय पर व्याख्यान दिया। इसके आलावा प्रश्नोत्तरी और निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया।

सशस्त्र सीमा बल के मुख्यालय मे सक्रिय सतर्कता सेल है जो की महानिरीक्षक पद के अधिकारी के द्वारा संचालित है। इस समय श्रीमती रेणुका मिश्र भा.पु.से मुख्य सतर्कता अधिकारी हैं जिनको उपमहानिरीक्षक सस्तर के  एक अधिकारी व् सहायक निदेशक स्तर के  अधिकारी सहायता करते हैं।

सशस्त्र सीमा बल के छह फ्रंटियर मुख्यालय हैं और इन फ्रंटियर मुख्यालयों में नियुक्त छह सतर्कता अधिकारी हैं। इसी तरह, एक अंशकालिक सतर्कता अधिकारी प्रत्येक एसएसबी सेक्टर मुख्यालय में उपलब्ध है।

एसएसबी के द्वारा आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह की गतिविधियों के दौरान सभी कर्मचारियों द्वारा प्रतिरक्षा प्रतिज्ञा, निवारक सतर्कता, और अन्य भ्रष्टाचार विरोधी उपायों पर वितरण, पुस्तिकाओं के वितरण, कर्मचारियों के लिए कार्यशालाओं और संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गए। समापन समारोह के दौरान एस .एस. बी डीजी रजनी कांत मिश्र ने जोर देकर कहा कि प्रबलता और गलत कामो से बचना और दूर रहने के लिए मजबूत चरित्र और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए हर संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा की वर्तमान प्रयास प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की सोच की पहल हैं।