संस्कार भारती चांदनी चौक द्वारा ‘धर्म और नारी सशक्तिकरण’ पर पुस्तक विमोचन एवं विचार संगोष्ठी आयोजित

  |    September 18th, 2019   |   0

नारी सशक्तिकरण में धर्म की महत्वपूर्ण भूमिका – केनु अग्रवाल

नई दिल्ली (भावना सैनी)- कश्मीरी गेट स्थित अग्रसेन पार्क भवन में संस्कार भारती चांदनी चौक जिला द्वारा ‘धर्म और नारी सशक्तिकरण’ पुस्तक का विमोचन एवं इस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संस्कार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश बिंदल, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष प्रख्यात कवि राजेश चेतन, चांदनी चौक की अध्यक्ष श्रीमती केनु अग्रवाल, पूर्वी दिल्ली की पूर्व मेयर श्रीमती नीमा भगत, प्रख्यात कवियित्री एवं अभिनेत्री बलजीत कौर तन्हा, नरेन्द्र भंडारी, भाजपा चांदनी चौक जिलाध्यक्ष अरविन्द गर्ग, महामंत्री अजय भरद्वाज, संस्कार भारती दिल्ली प्रदेश के कोषाध्यक्ष महेंद्र गुप्ता, महिला प्रमुख श्रीमती आरती अरोड़ा एवं अशोक शर्मा उपस्थित थे। बड़ी पंचायत वैश्य बीसे अग्रवाल के महामंत्री सुमन कुमार गुप्ता ने अपनी शुभकामनायें प्रेषित की।

संगोष्ठी के दौरान नारी सशक्तिकरण में धर्म की भूमिका पर मौलाना वहिद्दुदीन खान द्वारा स्थापित संस्था सेंटर फॉर पीस एंड स्पिरिचुएलिटी की चेयरपर्सन डा. फरीदा खानम में इस्लाम का, ब्राह्मण समाज दिल्ली की महिला प्रमुख डा. नीति शर्मा के हिन्दू धर्म का, दिल्ली केथोलिक वुमेन कमीशन से सुश्री प्रिसका ने ईसाई धर्म का पक्ष रखा।

सुरेश बिंदल ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय अंतरधार्मिक सद्भावना पर कार्यरत संस्था KAICIID से जुड़ने के बाद अनेकों बार केनु अग्रवाल ने भारत में व्याप्त धार्मिक सद्भावना का पक्ष अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रखा है। उन्होंने कहा केनु अग्रवाल द्वारा संकलित एवं सम्पादित पुस्तक ‘धर्म और नारी सक्तिकरण’ एक सराहनीय प्रयास है।

राजेश चेतन ने संस्कार भारती चांदनी चौक जिला को कार्यक्रम के आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि यहाँ से एक महत्पूर्ण विषय पर बहस प्रारंभ हुई है जो आगे तक जाएगी, इस विषय पर एक लम्बी परिचर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण एक बेहद संवेदनशील विषय है इसके साथ न्याय करना तलवार पर चलने के बराबर है। 

श्रीमती केनु अग्रवाल ने कहा कि धर्म ने सदैव नारी को सशक्त किया है। स्त्री को सम्मान व अधिकार दिलाने में धर्म की महत्वपूर्ण भूमिका है। नारी सशक्तिकरण पुरुष समाज के सहयोग के बिना संभव नहीं है।

डा. फरीदा खानम ने कहा कि वर्तमान में धर्म का ऐसा स्वरुप हो गया है जो नारी का शोषण करता है। इस्लाम की मूल शिक्षाएं नारी को बराबरी का दर्जा देती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि बुरका इस्लाम धर्म का हिस्सा नहीं है, कुरआन में बुर्के का जिक्र कहीं नहीं हुआ। जब इस्लाम, ईराक आदि देशों में फैला तो बुरका जो वहाँ का पहनावा था उसे इस्लाम अनुयायियों ने अपना लिया।

श्रीमती नीति शर्मा ने अनेक श्लोकों का आह्वान करते हुए कहा कि हिन्दू धर्म में स्त्री को बहुत ऊँचा दर्जा दिया गया है। विद्या के लिए माँ सरस्वती की, शक्ति के लिए माँ दुर्गा की और धन के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा होती है। उन्होंने कहा कि जिस धर्म में कन्या की पूजा होती है वहाँ कन्या भ्रूण हत्या हो यह बेहद अफ़सोस की बात है।

सुश्री प्रेसका ने कहा कि ईसाई धर्म की नींव ‘मदर मेरी’ एक स्त्री पर टिकी है। भगवान ईसा मसीह ने वर्जिन मेरी से जन्म लिया, यह एक सत्य है। भगवान ईसा मसीह ने सदैव स्त्री को सम्मान दिया और उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने की बात की।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन, भारत माता पूजन एवं ध्येय गीत से हुआ। मंच संचालन संस्कार भारती चांदनी चौक जिला के कोषाध्यक्ष पवन दीक्षित ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रवीण जैन, श्रीमती सीमा निगम, श्रीमती अनीता अग्रवाल, सतनारायण शर्मा, शिवम शर्मा एवं सागर ने पूर्ण सहयोग दिया।