प्रो.के.पी.सिंह को रिसर्च क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान-2020

  |    January 16th, 2020   |   0

22 वर्षो से दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे हैं प्रोफेसर सिंह

नई दिल्ली(संवाददाता)- दक्षिण एशियाई उन्नत अनुसंधान एवं विकास संस्थान (SAIARD) द्वारा प्रखर वक्ता,लेखक एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. के.पी. सिंह को इस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान-2020 से सम्मानित किया गया। उनको यह सम्मान देकर संस्थान अपने को गौरान्वित अनुभव करती है। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और वे इस तरह इसी तरह पुस्तकालय व सूचना विज्ञान के क्षेत्र में कार्य कर युवा पीढ़ी को दिशा देकर उनका मार्गदर्शन करते रहे।

संस्थान के चेयरमैन डॉ. विश्वजीत चौधरी ने प्रो. के.पी.सिंह को संस्थान की ओर से स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने उनका परिचय देते हुए बताया कि पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के प्रख्यात विद्वान, प्रखर वक्ता, कर्मठ एवं विवेकशील शिक्षाविद, दक्ष लेखक, शैक्षणिक प्रशासक एवं उत्कृष्ट नेतृत्त्व के धनी डॉ.के.पी.सिंह, वर्तमान में भारत के प्रथम पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय में विगत 22 वर्षों से कार्यरत हैं एवं वर्तमान में दिल्ली लाइब्रेरी संघ के महासचिव पद का कार्यभार संभालते हुये SRFLIS के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं।

उन्होंने ग्रामीण परिवेश से शिक्षा अर्जित करने के उपरांत कृषि विज्ञान की उच्च शिक्षा मेरठ विश्वविद्यालय तथा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की व्यावसायिक शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय एवं गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से अर्जित की। अपने कठिन परिश्रम एवं कुशाग्र कौशल से उन्होंने कृषि विज्ञान विषय में ICAR-JRF एवं पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विषय में यूजीसी-जेआरएफ़ एवं डीआरडीओ-जेआरएफ़ की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि डॉ सिंह की कर्मठता एवं शैक्षणिक विकास का परिचय यह भी है कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय के उन अग्रणी शिक्षकों एवं प्रशासकों में शुमार हैं जिंहोने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त ‘मुख्य अनुसंधान परियोजनाओं’ को विभाग में लेकर आए तथा अपने सतत प्रयास के द्वारा इन अनुसन्धान परियोजनाओं का निष्पादन किया।

 डॉ सिंह को पुस्तकालय विषय से दिल्ली विश्वविद्यालय कि उच्चतम शैक्षणिक संकाय (विद्वत परिषद) में लगातार दो बार (2015-2019) चुनाव जीतकर विश्वविद्यालय को सेवाएँ देने वाले प्रथम शिक्षक हैं। डॉ सिंह बहुआयामी प्रतिभा के धनी हैं तथा पुस्तकालय विज्ञान समुदाय में उच्चकोटि के शैक्षणिक विद्वान हैं। इनकी शैक्षणिक विद्वता एवं अपने विषय क्षेत्र में गहन गूढ़ता का परिणाम है कि इनके द्वारा रचित 20 पुस्तकें, 150 से अधिक लेखों का सृजन करने के साथ साथ 130 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्याख्यान भी दिये हैं।

डॉ. चौधरी के अनुसार डॉ सिंह के मार्गदर्शन में 8 पीएचडी, 35 एमफ़िल एवं 90 एमलिब डिजरटेसन कि उपाधियाँ शोधर्थियों के द्वारा अर्जित कि गई हैं। इसके अतिरिक्त वह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों, सभाओं एवं गोष्ठियों से निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए कटिबद्ध एवं समर्पित हैं। इन्होने भूत एवं वर्तमान में अनेक राष्ट्रीय संस्थानों (जैसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय संगठन, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, भारतीय मानक ब्यूरो, इत्यादि) तथा अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों (जैसे यूडीसी कंसोर्टियम, लंदन) एवं क्षेत्रीय समितियों एवं मण्डल सदस्य के रूप में अपनी सेवाएँ विषय विशेषज्ञ के तौर पर प्रदान की हैं।

डॉ सिंह को उनके उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान एवं सेवाओं के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं व संघों द्वारा पुरष्कृत किया जा चुका है, जैसे SATKAL-यंग लाइब्रेरियन अवार्ड (2011), DLA-डिसटिंगुइश फ़ैकल्टी अवार्ड (2017), DLA-लाइब्रेरी लीडर अवार्ड (2018), SLP-बेस्ट टीचर अवार्ड (2018), SLA-बेस्ट टीचर अवार्ड (2019), CGLA- सर्वोच्च शिक्षण अवार्ड (2019) आदि से सम्मानित किया जा चुका है।