कोरोना दौर में बच्चों की फिस न मिलने से बंद होने के कगार पर हैं निजी स्कूल : कुलभूषण शर्मा

  |    September 1st, 2020   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)- कोरोना दौर आर्थिक संकट से जूझ रहे स्कूलों को बीते 6 माह से बच्चों की फीस न मिलने से दिल्ली के बहुत से स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। स्कूलों के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं।

कुछ दिन पहले एक स्वतंत्र एजेंसी सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन ने एक रिपोर्ट में बताया था कि देश के 70 प्रतिशत स्कूल्स एक हजार रुपए से भी कम फीस पर चल रहे हैं। ऐसे में सरकार को जवाब देना चाहिए कि जब स्कूलों को फीस ही नहीं मिलेगी, तो वे वेतन कहाँ से देंगे और स्कूल चलेंगे कैसे?” नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायन्स के प्रेसिडेंट कुलभूषण शर्मा ने ये बातें कहीं।

उन्होंने सरकार से कुछ बिंदुओं पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए पूछा है कि अभिभावक फीस नहीं दे रहे हैं, फिर स्कूल टीचर्स को सैलरी कहाँ से दे? बहुत से स्कूल किराए के भवनों में चल रहे हैं, जिसका खर्च एनुअल फीस से दिया जाता है। बिजली-पानी के बिल, स्कूल की स्टेशनरी, प्रॉपर्टी टैक्स आदि भी एनुअल चार्जेज से ही दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर भूकंप संभावित क्षेत्र है। कई स्कूलों की बिल्डिंग पुरानी हो रही है। अगर स्कूल डेवलपमेंट फीस नहीं लेंगे तो बिल्डिंग की मरम्मत कैसे कराएंगे। स्कूलों में मेंटेनेंस का काम लगातार चलता रहता है। दिल्ली में दंगों के कारण बजट स्कूलों की फीस पिछले सत्र में भी पूरी नहीं आई। अभी तक भी महज 10 प्रतिशत स्कूलों में ही फीस आई है।

ऐसे में सरकार गारंटी ले कि जिन स्कूलों को ट्यूशन फीस नहीं आ रही है, उसकी भरपाई सरकार करेगी। शिक्षा देना सरकार का काम है और वह सिर्फ आदेश निकाल रही है। बजट स्कूल सरकार का काम कर रहे हैं, सरकार को सपोर्ट कर रहे हैं, तो सरकार को भी शिक्षा मंदिरों को बचाने के लिए बजट स्कूलों को सपोर्ट करना चाहिए।