देश में खेल संस्कृति के विकास में शारीरिक शिक्षा की अहम भूमिका : डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय

  |    July 18th, 2020   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)- फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) के द्वारा डीपीएस स्कूल साकेत और जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल गाजियाबाद के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय वर्चुअल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया।

इसके समापन सत्र बृहस्पतिवार 16 जुलाई को वेबिनार के माध्यम से संबोधित करते हुए भारतीय ओलिंपिक संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने कहा की देश को यदि खेलों में महाशक्ति बनाना है तो हमें देश में खेल संस्कृति का विकास करना होगा। क्योंकि खेलों की मजबूती में शारीरिक शिक्षा की अहम भूमिका है।

आज देश में हर जगह खेल प्रशिक्षक भलें ही उपलब्ध ना हो, लेकिन शारीरिक शिक्षक हर जगह उपलब्ध है, यदि इन्हें सही ट्रेनिंग दी जाए तो देश में एक खेल संस्कृति का विकास किया जा सकता है, आज देश की 136 करोड़ की आवादी में बमुश्किल 1 करोड़ लोग ही खेलों में भाग लेते है, जिसके कारण हमारा देश खेलों में उच्च स्तर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है। कई छोटे छोटे देश जिनकी आबादी हमारी राजधानी से भी कम है वहा 90 प्रतिशत तक लोग खेलों में शामिल रहते है, क्यूंकि उनके यहां खेल संस्कृति जीवन का हिस्सा है।

श्री पाण्डेय ने कहा की पेफी के द्वारा कोरोना महामारी के दौर में लॉकडाउन में भी शारीरिक शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों के लिए चलाये जा रहे इस तरह के प्रोग्राम सराहनीय है जिससे की शिक्षक अपने ज्ञान में वृद्दि करके देश में खेलों के विकास में अपनी महती भूमिका अदा करेंगे।

अतिम सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार रखते हुए द्रोणाचार्य अवार्डी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के निदेशक डॉ. अजय बंसल ने कहा की अब वक़्त बदल गया है, समाज में खेलों के प्रति जागरूकता बड़ी है, माता पिता बच्चो के खेलों में कैरियर पर ध्यान देने लगें है ऐसे समय में पेरेंट्स और कोच का रिलेशन पॉजिटिव होना बहुत जरूरी है. शारीरिक शिक्षक और कोच के द्वारा समय समय पर पेरेंट्स के सवालों के जवाब और सहयोग से खिलाड़ी की प्रतिभा में निखार लाया जा सकता है। आज के समय में अभिभावकों और प्रशिक्षकों के बीच में बेहतर तालमेल खिलाड़ी को आगे बदने में मददगार साबित होता है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमृता पांडे ने किया, वहीं पेफी के राष्ट्रीय सह-सचिव डॉ. चेतन कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा की ऐसे समय में जब सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज बंद हैं, हर तरफ नकारात्मकता का वातावरण बना है, पेफी सकारात्मकता का संदेश दे रही है।

पेफी के द्वारा पिछले सात दिनों से यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसमे की अलग अलग विषय पर देश विदेशों के प्रशिक्षकों ने भी अपने विचार रखे।

विवेक चोधरी, मोहित कुमार, नंदिनी रावत, अंतिका प्रकाश राय, नरेश तोमर के सहयोग से इस वेबिनार में कार्यक्रम में सात दिनों में पूरे देश से 1000 से अधिक शारीरिक शिक्षकों और प्रशिक्षकों ने भाग लिया।