दिल्ली में 21 जनवरी को होगी देश भर के शारीरिक शिक्षकों की बैठक

  |    January 20th, 2020   |   0

शारीरिक शिक्षकों की भर्ती उम्र के विषय पर होगी चर्चा : डॉ. पियूष जैन

नई दिल्ली (संवाददाता)- फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) के सचिव डॉ. पियूष जैन ने एक वक्तव्य जारी कर बताया कि हाल ही में दिल्ली सरकार के द्वारा दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के द्वारा निकाली गई नौकरियों में शारीरिक शिक्षकों के साथ किए गए भेदभाव से पूरी दिल्ली ही नहीं देश भर के शारीरिक शिक्षकों में रोष है।

शारीरिक शिक्षकों की भर्ती में उम्र को लेकर हो रहे भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने के लिए 21 जनवरी को दिल्ली में आई. टी.ओ. स्तिथ मालवीय स्मृति भवन में देश भर के शारीरिक शिक्षकों की बैठक होगी। जहां विषय पर गंभीर चर्चा करते हुए आगामी रणनीति बनाई जाएगी।

क्योंकि पिछली बार की तरह इस बार फिर से दिल्ली में शारीरिक शिक्षा के साथ भेदभाव किया जा रहा है, एक तरफ जहां दुसरे विषयों के शिक्षकों के लिए पीजीटी और टीजीटी की आयु सीमा 36 और 32 साल रखी गयी है वही शारीरिक शिक्षा विषय के लिए यह आयु 30 वर्ष रख कर हजारों बेरोजगार युवाओं से छल किया गया है।

डॉ. जैन ने बताया की जहा दुसरे विषय के शिक्षक 2 साल बीएड की पढ़ाई करते है वही शारीरिक शिक्षा के शिक्षक भी बीपीएड की 2 साल की पढ़ाई करके ही शिक्षक बनते हैं और दोनों ही कोर्स भारत सरकार के राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् के द्वारा संचालित है और दोनों ही कोर्स समान है फिर यह भेदभाव क्यों? 

फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) के द्वारा दिल्ली सरकार से मांग की जाती है की वह शारीरिक शिक्षकों के साथ अन्याय ना करते हुए इस विषय के पीजीटी और टीजीटी की आयु सीमा क्रमश: 36 और 32 साल करें जिससे की अधिक से अधिक शारीरिक शिक्षक इस भर्ती में हिस्सा ले सकें।

फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) ने इस विषय की गंभीरता को समझते हुए शारीरिक शिक्षकों की बैठक बुलाई है। जिसमे शारीरिक शिक्षा के साथ हो रहे अन्याय पर शारीरिक शिक्षकों के साथ चर्चा की जायेगी और आगे की रणनीति बनायी जायेगी। इस मीटिंग में आने के लिए पेफी ने देश भर के शारीरिक शिक्षकों से अपील की है।