केवल किताबी ज्ञान छात्रों की सफलता की सीढ़ी नहीं : डॉ. अशोक ठाकुर

  |    July 13th, 2018   |   0

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शुरू हुई मुनि इंटरनेशनल स्कूल की नई ब्रांच                                               अब छत्तीसगढ़ में सिरसी गांव के छात्र भी पढ़ेंगे विदेशी भाषा  

नई दिल्ली (संवाददाता)- छत्तीसगढ़ में सूरजपुर जिले के सिरसी गांव में शुरू हुई मुनि इंटरनेशनल स्कूल की नई ब्रांच। मुनि इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर ने उद्घाटन किया, वहीं इस मौके पर उनके साथ प्रो. पं. कैलाशनाथ तिवारी, त्रिलोकी नाथ शुक्ला, शिव कुमार मिश्रा, जीतराम राजवाङे समेत अनेक गणमान्य लोग भी उद्घाटन समारोह में शामिल रहे। उद्घाटन के मौके पर वैदिक विधि-विधान से पूजा अर्चाना की गई।

उसके बाद स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा यहां के परंपरिक गीत व नृत्यों की शानदार झलक प्रस्तुत की गई। उल्लेखनीय है कि नरसिंह महाराज सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा दिल्ली के मुनि इंटरनेशनल स्कूल के साथ अनुबंध किया गया है।

स्कूल उद्घाटन के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मीडिया कर्मियों से बात करते हुए मुनि स्कूल संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर ने बताया कि आज दुनिया के तमाम स्कूलों में आधुनिक शिक्षा के नाम पर बच्चों को असल शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है। स्कूलों में केवल किताबी ज्ञान दिया जाता है, जिससे छात्र महात्मा बुद्ध नहीं, महा बुद्धु बन रहे हैं। क्योंकि अध्यापकों द्वारा बच्चों में ज्ञान को केवल ट्रांसफर ही किया जाता है। उनके अंदर की प्रतिभा को निखारने का काम गौण है।

लेकिन मुनि स्कूल अपने बच्चों को आधुनिक व प्राचीन दोनों पद्दतियों के मिश्रण पर अधारित शिक्षा प्रदान करता है। किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक शिक्षा देने पर अधिक बल देता है, ताकि छात्र अपने जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें और सामाजिक दायित्वों को समझें। श्री ठाकुर ने कहाकि यदि हमें अपने बच्चों को सफल बनाना है तो उन्हें हमारी प्राचीन वेद शिक्षा से दूर नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि दोनों को साथ लेकर चलें तो और बेहतर होगा। केवल किताबी ज्ञान छात्रों की सफलता की सीढ़ी नहीं बनाता।