लॉकडाऊन में भी श्याम लाल कॉलेज की शैशिक गतिविधियां जारी, सफल रही ऑनलाई सप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यशाला

  |    May 17th, 2020   |   0

नई दिल्ली (राजेश शर्मा)- कोरोना महामारी और लॉकडाऊन के दौर में भी श्याम लाल कॉलेज ने अपनी शैशिक गतिविधियों को जारी रखा। ऑनलाई तकनीक के माधम से सप्ताह भर तक चलने वाली राष्ट्रीय कार्यशाला का शानदार आयोजन किया।   

यह कार्यशाला श्याम लाल कॉलेज के कौशल विकास एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के केंद्र ने संयुक्त रूप से से आयोजित की। यह अनुसंधान पद्धति पर एक सप्ताहिक राष्ट्रीय ई-लर्निंग कार्यशाला थी, जो ऐसे समय में आयोजित हुई जब देश में COVID-19 का संकट चरम पर है।

कॉलेज ने ऑनलाइन के माध्यम से अपनी शैक्षिक गतिविधियों को जारी रखने का निर्णय लिया और कार्यशाला में अनुसंधान के अवलोकन, साहित्य समीक्षा, अनुसंधान के तरीकों, डेटा विश्लेषण, निष्कर्षों को प्रस्तुत करने, अनुसंधान प्रकाशित होने और अनुसंधान में नैतिकता सहित अनुसंधान प्रक्रिया के विभिन्न विषयों को शामिल किया गया।

श्याम लाल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कार ने कहा, हम दिल्ली विश्वविद्यालय में काफी वर्षों से छात्रों को पढ़ाने के लिए पुस्तकों के साथ प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं । यह अब सभी विश्वविद्यालयों और वैश्वीकरण की दुनिया में एक आदर्श है, हम तकनीक की समझ रखने वाले होने की जरूरत है और मानव जाति के कल्याण के लिए विज्ञान और मानविकी मिश्रण करने में सक्षम होना चाहिए।

श्याम लाल कॉलेज के सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट(CSD) की संयोजक डॉ कविता अरोड़ा ने बताया कि ई-लर्निंग वर्कशॉप में भारी प्रतिक्रिया देखी गई। इसके नियमित प्रतिभागियों के रूप में 250 से अधिक प्रतिभागी देश के विभिन्न स्थानों से शामिल हुए।

सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट(CSD) की छात्र टीम ने इस कार्यशाला को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हुए तकनीकी सहयोग किया। डॉ. कुशा तिवारी के अनुसार इस राष्ट्रीय सेमिनार में शामिल सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे।

श्यामलाल कॉलेज द्वारा आयोजित तकनीक आधारित सप्ताहिक ई-लर्निंग सेमिनार विभिन्न सत्रों में पूरा किया गया, जिसमें कॉलेज प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कार, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय से डॉ केबी सिंह, डॉ नैंसी एच वाज, श्रीमती शुभारेखा और सेंट एग्नेस कॉलेज, मंगलौर के डॉ वी प्रेमानंद सहित प्रमुख वक्ताओं और शिक्षाविदों की उपस्थिति रही।

वहीं श्याम लाल कॉलेज से डॉ गायत्री चतुर्वेदी, डॉ कविता अरोड़ा, डॉ किंशुक मजूमदार, डॉ कुशा तिवारी, डॉ सीमा डबास, डॉ कोमिला सूरी और डॉ रितु अग्रवाल ने भी शोध प्रक्रिया के विभिन्न विषयों पर बौद्धिक विचार-विमर्श किया।