श्री अरबिंदो कॉलेज सेंटर शुरू हुई नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड़ के शैक्षिक सत्र-2019-20 की कक्षाएं

  |    September 9th, 2019   |   0

नई दिल्ली (भारती शर्मा)-दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड़ श्री अरबिंदो कॉलेज सेंटर ने रविवार को शैक्षिक सत्र-2019–20 में बी.ए.(प्रोग्राम) और बी.कॉम. (प्रोग्राम) में सेमेस्टर सिस्टम के अंतर्गत पहली बार दाखिला लेने वाली नई छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्धघाटन सेंटर के प्रभारी प्रो. हंसराज ‘सुमन ‘ने दीप प्रज्वलित करके किया।

इसके बाद छात्राओं को सेमेस्टर सिस्टम के विषय में जानकारी दी गई। नॉन कॉलेजिएट में पहली बार सेमेस्टर सिस्टम आरम्भ हो रहा है। डीयू में सभी छात्राओं के लिए एक जैसी शिक्षा का प्रावधान करने और यूजीसी निर्देशों का पालन करते हुए सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया है।कार्यक्रम से पूर्व प्रथम वर्ष की छात्राओं को चंदन का तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया।

ओरियंटेशन प्रोग्राम में छात्राओं को संबोधित करते हुए सेंटर के प्रभारी प्रो. हंसराज ‘सुमन ‘ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन कॉलेजिएट में पहली बार नियमित छात्राओं की भांति सीबीसीएस कोर्स लागू किया है। इस शैक्षिक सत्र से ही सेमेस्टर सिस्टम लागू हुआ है।सेमेस्टर के अंतर्गत उपस्थिति और मूल्यांकन के लिए असाइनमेंट की अनिवार्यता को बताते हुए उन्होंने कहा कि अब बिना कक्षा में उपस्थित हुए असाइनमेंट व शिक्षकों द्वारा दिया जाने वाला नियत कार्य सम्भव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि सेमेस्टर सिस्टम में वर्ष में दो बार परीक्षाएं होंगी।इस साल प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की परीक्षाएं दिसंबर माह के पहले सप्ताह से पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

प्रो. सुमन ने वर्तमान संदर्भ में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपना भविष्यऔर कैरियर बनाता है।शिक्षा ही उसे आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती है।उन्होंने समझाया कि शिक्षा वह माध्यम है जिसके द्वारा न सिर्फ अपना विकास करती है बल्कि पूरा समाज उससे सुव्यवस्थित होता है।उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि आज देश का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज ना कराई हो।प्रो सुमन ने कक्षाओं में उपस्थिति की अनिवार्यता, पाठ्यक्रम एवं सेंटर पर चलने वाली साल भर की गतिविधियों की जानकारी भी दी।साथ ही छात्राओं के लिए रोजगार के विभिन्न अवसरों तथा केंद्र सरकार द्वारा छात्राओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के संदर्भ में भी जानकारी दी।

प्रो सुमन ने बताया है कि सेंटर द्वारा समय-समय पर विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यकर्मो का आयोजन किया जाता है जिसमें छात्राओं को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्सहित किया जाता है, छात्राओं को महिला सशक्तिकरण के विषय में भी प्रकाश डाला गया।उनका कहना कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में कामयाब है और समाज में विभिन्न सफल महिलाओं सावित्री बाई फुले, झलकारी बाई, झांसी की रानी,का उदाहरण देते हुए उन्होंने छात्राओं से जागते हुए सपने देखने एवं उन्हें पूरा करने हेतु मेहनत करने पर बल दिया।

प्रो. सुमन ने बताया है कि प्रथम वर्ष की छात्राओं की कक्षाएं व ओरिएंटेशन प्रोग्राम  पिछले सप्ताह शुरू होना था लेकिन किन्हीं कारणों से  8 सितम्बर से शैक्षिक सत्र और कक्षाएं शुरू हो रही है। रविवार से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई है। प्रथम वर्ष में एडमिशन लेने वाली छात्राओं को सेंटर की ओर से टाइम टेबल दिया गया और बताया गया कि आपकी कक्षाएं किन कमरों में लगेंगी।इसके अलावा बी ए और बी कॉम की सेकंड और थर्ड ईयर की छात्राओं को भी टाइम टेबल वितरित किया। ओरियंटेशन के बाद प्रथम वर्ष की छात्राओं ने अपने शिक्षकों से मिलकर सलेब्स और पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी प्राप्त की।  प्रो सुमन ने बताया है कि द्वितीय व तृतीय वर्ष की छात्राओं की कक्षाओं के साथ-साथ बताया गया कि उनका सलेब्स और परीक्षायें वार्षिक होंगी। छात्राओं की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।इस तरह से सेंटर में लगभग 1500 छात्राएं और 45 विभिन्न विषयों के शिक्षक नियुक्त किए गए हैं जो सालभर दो सत्र में कक्षाएं लगेंगी। ओरिएंटेशन प्रोग्राम कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीण प्रभाकर शुक्ला ने किया शिक्षकों और छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन डॉ.रमेश कुमारी ने किया। कार्यक्रम में डॉ राजीव कुमार, डॉ.प्रवीण कुमार शुक्ला, रविन्द्र कुमार सिंह, संजय सिंघल, मंगल सिंह, सुनील दत्त, जितेंद्र कुमार आदि भी उपस्थित थे।