डिजिटल क्रांति और हिन्दी विष्य पर 24-25 अक्तूबर को श्री गुरू तेग बहादुर खालसा कॉलेज में होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी

  |    October 23rd, 2019   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)-डिजिटल क्रांति के कारण वर्तमान समय में हर सुविधा और सेवा केवल एक क्लिक या टच पर उपलब्ध है। इस डिजिटलीकरण से हिन्दी भी अछूती नहीं रही है। अब तो गूगल भी हिंदी में बोलता है। डिजिटली हिन्दी में काम करना बहुत समय तक मुश्किल था लेकिन स्थिति ने नई करवट ली है अब फेसबुक हो या गूगल वह हिन्दी में सामग्री उपलब्ध कराने की भरसक कोशिश कर रहे हैं।

धीरे-धीरे हर चीज के डिजिटल हो जाने कारण जहां एक ओर बहुत सकारात्मक असर देखने को मिला है वहीं बहुत सारी चुनौतियां भी खड़ी हो गई है। ऐसे और इससे जुड़े अन्य विषयों पर चर्चा करने के लिए उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान लखनऊ, श्री गुरू तेग बहादुर खालसा कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय और डिजिटल पेमेंट कंपनी ई-पे के संयुक्त तत्वाधान से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “डिजिटल क्रांति और हिन्दी” का आयोजन 24-25 अक्तूबर को श्री गुरू तेग बहादुर खालसा कॉलेज में किया जा रहा है। इस संगोष्ठी में डिजिटल क्रांति और हिन्दी पर देश के विभिन्न हिस्सों से शोधार्थी और शिक्षक अपने-अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही इस क्षेत्र के विशेषज्ञ इस विषय की संभावनाओं, विशेषताओं और चनौतियों पर अपनी बात रखेंगे।

संगोष्ठी के प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र में बीज वक्तव्य माइक्रोसॉफ्ट के लोकलाइजेशन एंड एक्सेसबिलिटी के निदेशक बालेंदु दाधीज, विशेष वक्तव्य धावे विद्यापीठ बिहार के कुलाधिपति प्रो.के.एन. तिवारी, विशेष वक्तव्य उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान लखनऊ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजनारायण शुक्ल, अध्यक्षीय भाषण श्री गुरू तेगबहादुर खालसा कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष सरदार तरलोचन सिंह, विधायक एवं अध्यक्ष डीएसजीएमसी सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, स्वागत वक्तव्य श्री गुरू तेगबहादुर खालसा कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जसविंदर सिंह, समापन वक्तव्य विभाग प्रभारी डॉ. स्मिता मिश्र के द्वारा किया जाएगा।

इसके बाद संगोष्ठी के सत्रों की शुरुआती होगी जिसके विषय वर्तमान डिजिटल दुनिया और हिन्दी के क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण, समसामयिक और सार्थक है। प्रथम तकनीकी सत्र का विषय डिजिटल यूनिकोडिंग: हिन्दी चली नई चाल पर बालेन्दु दाधीच, डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा, प्रो. संजीव भानावत अपनी बात रखेंगे। दूसरा सत्र सोशल मीडिया में हिंदी: लाइक, व्यू और फॉरवर्ड विषय पर चर्चा करने के लिए प्रो. कुमुद शर्मा, प्रशांत उमराव और प्रो. अरुण भगत मौजूद रहेंगे। तृतीय सत्र डिजिटल मीडिया में भाषाई परिदृश्य विषय पर जयदीप कर्णिक, दिनेश श्रीनेत और प्रियदर्शन दर्शकों से अपने अनुभव साझा करेंगे। चतुर्थ सत्र में दयाशंकर मिश्र, डॉ. सर्वेशदत्त त्रिपाठी, शिवकेश मिश्र डिजिटल दौर का हिन्दी सिनेमा विषय पर चर्चा करेंगे।

इसके साथ ही दूसरे एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया है जिसमें श्री गुरू नानक जी के 550वीं जयंती-वर्ष में उपलक्ष्य में डिजिटल मीडिया और गुरू नानक के संदेशों का प्रसार विषय पर बात होगी। इसके समकक्ष देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शोधार्थी और शिक्षक अपने-अपने शोध-पत्रों का प्रस्तुतीकरण करेंगे।

समापन सत्र में इग्नू के उप-कुपलति प्रोफेसर सत्यकाम, ओसाका वि.वि जापान के प्रोफेसर एमेरिटस पद्मश्री तामियो मिजोकामी, राजस्थान वि.वि. के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. संजीव भानावत, ई-पे के ऑपरेशन हेड के.पी. सिंह डिजिटल क्रांति और हिन्दी पर अपनी बात रखने के लिए मौजूद रहेंगे। इस पूरे संगोष्ठी का सार विभाग प्रभारी गुरू तेग बहादुर खालसा कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय डॉ. स्मिता मिश्र के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।