देश को प्लास्टिक व पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए मुनि स्कूल के छात्रों ने लिया संकल्प

  |    July 25th, 2018   |   0

मुनि स्कूल के छात्रों ने सीखा कचरा प्रबंधन व कंपोस्ट खाद बनाना

नई दिल्ली(राजेश शर्मा)- दुनिया के तमाम देशों में प्लास्टिक व पॉलिथीन का भरपूर प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन इन दिनों इसके प्रयोग से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों को लेकर पूरा संसार चिंतित है।
इसी विषय को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के मुनि इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों को प्लास्टिक-पॉलिथीन मुक्त भारत, रसोई घर से निकलने वाले कूङे को रिसाईकिल करने तथा कमपोस्ट खाद बनाने की जानकारी देने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस दौरान बैंगलूरू स्थित SOIL and SOUL संस्थान की प्रमुख प्रीति राव ने सेमिनार में उपस्थित छात्रों को प्लास्टिक व पॉलीथीन के प्रयोग से होने वाले विभिन्न दुष्परिणामों के बारे में बताया, वहीं वीडियों के माध्यम से दिखाया गया कि आज हमारे समाज में जिस प्रकार प्लास्टिक व पॉलीथीन का प्रचलन बढ रहा हैं, उससे पर्यावरण के साथ-साथ हम सब भी गंभीर खतरे में है। इसके कारण मनुष्य व पशु-पक्षियों में भी अनेक लाइलाज बीमारियां बढ़ रही हैं।
जिनके बारे में आए दिन जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, संगोष्ठी व सेमिनारों का आयोजन कर आम जनता को प्लास्टिक व पॉलिथीन के प्रयोग को छोड़ने की अपील की जाती है।
प्रीति राव ने छात्रों को समझाया कि वो अपने जीवन में 4-R के फार्मूले पर चलें तो देश को प्लास्टिक व पॉलिथीन मुक्त बनाने के साथ-साथ कचारा प्रबंधन करते हुए कमाई के साधन भी बढ़ा सकते हैं।
जैसे प्रथम- R – प्लास्टिक व पॉलिथीन को रिफ्यूज करने की आदत बनाएं, दूसरा- R रिड्यूज करें, तीसरा-R रि-यूज करें और चौथा- R रि-साइकिल करें, इसी प्रकार रसोई घरों से निकलने वाले कचरें से कम्पोस्ट खाद व हाईजीन क्लीनर बनाने का कार्य शुरू करने से कचरे का निवारण भी आसानी से हो सकता है।
अध्यापकों व छात्रों ने माना कि सेमिनार में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला, यहां बताए गए तरीकों को अपना कर वो अपने-अपने स्तर पर प्लास्टिक व पॉलिथीन के प्रयोग को कम करेंगे और अन्य लोगों को भी इसके प्रयोग से होने वाले हानीकारक परिणामों के बारे में जागरूक करेंगे।