अल्टर्नेट थैरेपी की खास विधा है लामा फेरा : सुरीली गुप्ता

  |    May 20th, 2018   |   0

नई दिल्ली(आर.के.शर्मा)- दुनिया के तमाम देशों में कई प्रकार की मेडिटेशन व हीलिंग थैरेपी की विधाएं प्रयोग में लाई जाती हैं। लेकिन इन दिनों लामा फेरा थैरेपी की तरफ लोगों का रूझान अधिक बढ़ रहा है। क्योंकि यह मानव के सभी कष्टों के समाधान में शीघ्र प्रभावशाली व कारगर है। यह नकारात्मक ऊर्जा को रोकने में सहायक है जो की विभिन्न श्रेत्रों में होने वाली मानव की उन्नति में बाधा बनती है। 

ये सभी बातें  विख्यात हीलर सुरीली गुप्ता ने दिल्ली के नारायणा विहार में आयोजित की गई दो दिवसीय लामा फेरा कार्यशाला के दौरान उपस्थित प्रशिक्षकों को बताई।

सुरीली गुप्ता के अनुसार लामा फेरा से आत्मा को बोध ज्ञान होता है जिससे कष्ट कटने लगते हैं क्योंकि लामा फेरा हिलिंग विधा इतनी शक्ति शाली है कि इससे समान्य व्याधियों से लेकर व्यक्तियों पर किए जाने वाले काले जादू जैसे कष्टों को आसानी से दूर किया जा सकता है। लामा फेरा के 3 से 5 सत्र में इसका प्रभाव आसानी से दिखने लगता है।

सुरीली गुप्ता ने बताया कि लामा फेरा भगवान बुद्ध द्वारा इजाद की गई एक बहुत ही प्रभावशाली विधा है।आज की भागदौङ भरी जिंदगी में तनाव में रहने वाले लोगों को शारीरिक, मानषिक व बौधिक रूप से राहत पहुंचाई जाती हैं। भगवान बुद्ध दवारा बताए गए चिह्नों के द्वारा लामा फेरा मनुष्य के अंदर पाए जाने वाले रजोगुण, तमोगुण, सत्वगुणों को सही करता है, वहीं पंचतत्व को संतुलित करने के अलावा इंगला-पिंगला नाङी व शरीर में शिव शक्ति की ऊर्जा को भी संतुलन करता है।

सुरीली गुप्ता के अनुसर यदि किसी को लामा फेरा के बारे में आत्म बौध हो जाए तो वह अपने कष्टों को आसानी से दूर करते हुए अन्य लोगों को भी तमाम प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिला सकता है। क्योंकि लामा फेरा हीलिंग सीधे भगवान बुद्ध के प्रभाव से पूरी होती है, हीलर विशेषज्ञ तो इसको पूरा करने का एक मात्र माध्यम होता है।

नारायणा विहार में सम्पन्न हुई इस दो दिवसीय लामा फेरा कार्यशाला में दिल्ली के अलावा राजस्थान से भी प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षुओं ने शिरकत की। कार्यशाला के अंतिम दिन सभी प्रशिक्षुओं को सुरीली गुप्ता द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

कार्यशाला में शामिल हुए सभी प्रतिभागियों ने माना कि लामा फेरा कार्यशाला उनके जीवन में काफी बदलाव लाएगी और यह विधा अधिक से अधिक जनकल्याण के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।