कैंपस में जातीय भेदभाव से नाराज केवाईएस छात्रों ने एयूडी प्रशासन के खिलाफ अपना आन्दोलन किया तेज

  |    October 5th, 2017   |   0

नई दिल्ली(संवाददाता)- क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर दलित छात्र के साथ अम्बेडकर विश्वविद्यालय (एयूडी) प्रशासन द्वारा किये जा रहे भेदभाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि दलित छात्र, अकुंठ को कम नंबर होने का कारण बताकर तीसरे वर्ष में एडमिशन नहीं दिया जा रहा है।

छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहाकि प्नशासन ने  दलित छात्र को जानबूझकर अपने असाइनमेंट समय पर नहीं देने दिए । जिसके कारण उसके नंबर कम रह गए। साथ ही, उसकी दलित पहचान के खिलाफ भी शिक्षक द्वारा जातिवादी टिप्पणी की गयी।

जब इस मामले को अम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने लाया गया तो उन्होंने कोई कार्रवाई न करते हुए, मामले को स्टैंडिंग कमिटी को  सौंप दिया। ज्ञात हो कि इस कमिटी में न तो छात्र को और न किसी छात्र प्रतिनिधि को अपनी बात रखने के लिए जगह दी गयी है| साथ ही, जब तक इस मामले की सुनवाई जारी है, तब तक छात्र को तीसरे वर्ष में प्रोविजनल एडमिशन न देकर प्रशासन द्वारा उसका प्रताड़ित किया जाना जारी है।

केवाईएस एयूडी प्रशासन की दलित छात्र को प्रताड़ित करने वालों के साथ खड़े होने की कड़ी भर्त्सना करता है| ज्ञात हो कि पहले भी प्रशासन दलित और पिछड़ी पृष्ठभूमि से आने वालों छात्रों के साथ भेदभाव करता रहा है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्रों को जो दलित, पिछड़े वर्ग से आते हैं, उन्हें एडमिशन में कोई भी रियायत नहीं दी जाती।

हिंदी माध्यम से पढ़ाई कर आये इन छात्रों को सिर्फ अंग्रेजी में ही प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराए जाते है। केवाईएस का मानना है कि यह नीतियाँ खुले तौर पर वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय से बाहर करने का बहाना हैं| यही नहीं, यूजीसी का निर्देश होने के बावूजद अभी तक विश्वविद्यालय में एस.सी/एस.टी सेल और इक्वल अपोरचुनिटी सेल का गठन नहीं किया है।

इस कारण छात्रों को अपनी शिकायत सुने जाने का कोई भी रास्ता नहीं मिलता है और साथ ही, एयूडी प्रशासन को छात्रों के खिलाफ भेदभाव करने कि खुली छूट मिलती है। केवाईएस एवं अन्य संगठनों ने अपने संघर्ष को और तीव्र करने की चेतावनी दी है, अगर अकुंठ को जल्द से जल्द न्याय नहीं दिया जाता है। साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालय में जल्द से जल्द एस.सी/एस.टी सेल और इक्वल अपोरचुनिटी सेल का गठन किये जाने की मांग उठाई है।