खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2019 : हरियाणा की लड़कियों ने कुश्ती में जीते 7 स्वर्ण पदक

  |    January 11th, 2019   |   0

पुणे (खेल डेस्क)- महाराष्ट्र में खेले जारहे खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2019 के दूसरे दिन हरियाणा की लड़कियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए कुश्ती के अंडर-17 वर्ग में सभी सात स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए। अपने पहलवानों के इस प्रदर्शन से उत्साहित हरियाणा के कोच विजेन्दर ने कहा, ह्यह्यसरकार की ओर से मिले समर्थन, बुनियादी ढांचे और मौकों ने हमारी लड़कियों में आत्मविश्वास पैदा किया है। ये पहलवान निडर हैं और वे अंत तक लड़ती हैं। मुझे लगता है कि इससे फर्क पड़ता है। हरियाणा ने सात स्वर्ण पदकों के अलावा एक रजत और पांच कांस्य पदक भी अपने किए। मेजबान महाराष्ट्र ने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उसे दो रजत और पांच कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। पुरुषों के अंडर-21 वर्ग के ग्रीको रोमन वर्ग में हरियाणा के पहलवानों ने दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। वहीं महाराष्टÑ के लिए गोकुल यादव ने 77 किलोग्राम भारवर्ग में और रोहित अहिरे ने 72 किग्रा वर्ग में रजत पदक पर कब्जा जमाया। दिग्विजय भोंदवे को 97 किग्रा में कांस्य से संतोष करना पड़ा।

हरियाणा की हेनी कुमारी ने 46 किग्रा वर्ग के फाइनल में मेजबान महाराष्टÑ की कल्याणी गाडेकर को 4-3 से पराजित कर सोने का तमगा हासिल किया। कल्याणी ने सेमीफाइनल में एशियन यू-15 वर्ग की चैम्पियन हरियाणा की स्वीटी मलिक को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

कल्याणी को फाइनल में खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था और वह पहले 3-2 से आगे थीं लेकिन हेनी ने वापसी करते हुए दो अंक लेकर मुकाबला जीत लिया।

यहीं कहानी 57 किग्रा में भी देखने को मिली जब महाराष्टÑ की भाग्यश्री पहले राउंड तक हरियाणा की मंजू पर 4-0 की बढ़त बनाए हुई थी। लेकिन मंजू ने दूसरे राउंड में अपने विपक्षी खिलाड़ी को बिना कोई मौका दिए लगातार 14 अंक लेकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

महाराष्टÑ की लड़कियों की यू-17 के कोच शबनम शेख ने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, हमारे दो पहलवान फाइनल की बाधा पार नहीं कर पाए, अन्यथा आज हम दो स्वर्ण पदक जीत सकते थे। भाग्यश्री का पैर फंस गया जिससे पदक जीतने की उसकी संभावनाएं खत्म हो गई जबकि कल्याणी में अनुभव की कमी थी।’’

अन्य वर्गों में अंतिम (49 किग्रा), निशू (53 किग्रा), प्रियंका (61 किग्रा), रीतीका (65 किग्रा) और प्रिया (69 किग्रा) ने अपने-अपने वर्ग में हरियाणा के लिए स्वर्ण पदक जीते।