केरल बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए : केवाईएस

  |    August 19th, 2018   |   0
केरल बाढ़ पीड़ितों के समर्थन में जनवादी संगठनों और छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ निकाला विरोध मार्च

नई दिल्ली (संवाददाता)- क्रान्तिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने जनवादी संगठनों और आम छात्रों-युवाओं के साथ मिलकर केरल हाउस से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक आयोजित विरोध मार्च में हिस्सेदारी निभाई| यह विरोध मार्च केरल में बाढ़ पीड़ितों के प्रति केंद्र भाजपा सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ निकाला गया था| ज्ञात हो कि यह आपदा इतनी बड़ी है कि इसमें अबतक 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी और 3 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं| इतनी बड़ी आपदा होने के बावजूद भाजपा सरकार को कोई भी चिंता नहीं है, जिससे यह साफ़ प्रदर्शित होता है कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है वहाँ के लोगों की जानों की भी उसको परवाह नहीं है।
इस आपदा में करीब 10,000 करोड़ का नुक्सान हुआ है. राहत के तौर पर केरल सरकार ने त्वरित 1220 करोड़ की माँग की थी, मगर भाजपा सरकार ने सिर्फ़ 100 करोड़ की राशि ही निर्धारित की| बाद में विरोध होने पर यह राशि बढ़ाकर 500 करोड़ की गयी| इसके विपरीत गुजरात, असम और बिहार जहाँ पर हाल ही में बाढ़ आई थी, वहाँ पर राहत के लिए काफी अधिक राशि का आवंटन किया गया था| इन राज्यों में भाजपा या तो सरकार चला रही है या गठबंधन में है| इससे यह पता चलता है कि जिन राज्यों में भाजपा की उपस्थिति नहीं है, वहाँ के लोगों की जान की भी उसे कोई परवाह नहीं है| इससे यह भी साफ़ हो जाता है कि जनता की राहत से ज्यादा भाजपा को अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने से मतलब है।
केवाईएस आपदा राहत के लिए तुरंत 2,000 हज़ार करोड़ की राशि की माँग करता है और साथ ही, यह माँग भी करता है कि केरल में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए| केवाईएस इस विपदा की घड़ी में केरल की जनता के साथ खड़ा है और आने वाले दिनों में भाजपा की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना आन्दोलन और तीव्र करेगा।