कबड्डी को नई दिशा देगी इंडो इंटरनेशनल प्रीमियर कबड्डी लीग

  |    September 22nd, 2018   |   0

खिलाड़ियों को सीधे तौर पर दिया जाएगा लीग का 20 फीसदी लाभ

नई दिल्ली (न्यूज4सिटि खेल डेस्क)- भारत में कबड्डी के खेल को बढ़ावा देने वाले प्रमुख संगठनों में से एक न्यू कबड्डी फेडरेशन (एनकेएफ) ने 26 जनवरी 2019 से अपनी तरह की खास प्रतियोगिता इंडो इंटरनेशनल प्रीमियर कबड्डी लीग शुरू करने की घोषणा की। इस प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों का चयन 5 जनवरी 2019 को होगा। इस लीग का मुख्य मकसद भारत और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच भारत से निकले इस खेल को बढ़ावा देना है।

न्यू कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनकेएफआई) की स्थापना मई 2017 में हुई थी, सर्वेश कुमार एनकेएफआई के अध्यक्ष हैं। इसे वर्ल्ड कबड्डी फेडरेशन (डब्ल्यूकेएफ) से मान्यता मिली चुकी है। न्यू कबड्डी फेडरेशन द्वारा दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मियों की उपस्थिती में लीग का अनावरण भी किया और लीग से जुङी तमाम जानकारियां साझा की गई। इस मौके पर फिल्मी कलाकार रणदीप हुड्डा और दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी मौजूद थे वहीं कबड्डी से जुड़े कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों और अर्जुन पुरस्कार विजेताओं ने भी मुक्यरूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ये सभी लोग इंडो इंटरनेशनल प्रीमियर कबड्डी लीग की रूपरेखा तैयार करने तथा इसकी शुरुआत करने के लिए एनकेएफ के साथ जुड़े हैं। इनमें एशियाई खेल में भारत को दो बार स्वर्ण पदक दिलाने वाले एस राजारतिनाम, विश्व कप में स्वर्ण विजेता, एशियाई खेल में दो बार तथा एसएएफ गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता सुरेश कुमार, राष्ट्रीय स्तर पर चार बार और फेडरेशन कप विजेता मुरुगनाथम, मलेशियाई ओपन चैंपियन मधुकर यादव, सी. होनप्पा तथा खेल से जुड़ी कई हस्तियों तथा सेलेब्रेटीज ने इस लीग को अपना समर्थन दिया है।

कई दिग्गज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी इस लीग में एक-दूसरे से टक्कर लेंगे और निष्पक्ष खेल का प्रदर्शन करते हुए इस लीग को यादगार बनाएंगे। लीग में लगभग 823 खिलाड़ी शामिल होंगे, जिसमें 271 खिलाड़ी राज्य स्तर के जबकि 137 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय के हैं। इसके साथ ही एनकेएफ के लिए 84 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भी पंजीकरण कराया है।

लीग के शुरुआती सत्र में आठ टीमें होंगी, जिनके नाम हैं- बंगलूरू राइनोज, चेन्नई चीताज, दिल्ली ड्यूमर्स, तेलंगाना बुल्स, पटना पैंथर्स, हरियाणा हरिकेन्स, मुंबई मराठाज और कोलकाता टाइगर्स। प्रत्येक फ्रेंचाइजी में 2 से 3 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होंगे। इसका फार्मेट डबल राउंड रोबिन में है जिसके तहत डेढ़ महीने तक चलने वाली इस लीग में कुछ 62 मैच होंगे, चार शीर्ष टीमें प्लेआफ के लिए क्वालीफाई करेंगी और इसके बाद विजेता टीम को पुरस्कार राशि दी जाएगी।

प्रत्येक टीम में न्यूजीलैंड, पोलैंड, अर्जेंटीना, तंजानिया, आस्ट्रेलिया, नार्वे, ब्रिटेन, कनाडा तथा अमेरिका, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मेक्सिको, मॉरिशस, केन्या, इराक, डेनमार्क तथा कई अन्य देशों के कोई न कोई खिलाड़ी होंगे। इंडो इंटरनेशनल प्रीमियर कबड्डी लीग के आगाज के बारे में एनकेएफ के प्रवक्ता वकील भरत नागर ने कहा, “मैंने खेल संघों का एकाधिकार तोड़ने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है जहां शीर्ष पदों पर लोग 30-40 वर्षों से बैठे हुए हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। भ्रष्टाचार मिटाने के लिए ऐसे लोगों को हटाना जरूरी है। खेल संघों, राज्य संगठनों और स्पोट्स क्लबों के बीच हम जितनी ज्यादा प्रतियोगिताएं कराएंगे, उतना ही बेहतर खिलाड़ी हम तैयार कर पाएंगे। यह लीग खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के दैनिक जीवन में सुधार लाएगी।”

एनकेएफ के महासचिव एमवी प्रसाद बाबू ने कहा, “भारत में इंडो इंटरनेशनल प्रीमियर कबड्डी लीग शुरू करने को लेकर हम बहुत उत्साहित हैं। यह पहली ऐसी लीग है जिसमें पूरी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल होंगे। हम समझते हैं कि इंडो इंटरनेशनल प्रीमियर कबड्डी लीग एक ऐतिहासिक आयोजन होगा जो खेल का एक नया मानक स्थापित करेगा। इस लीग का मकसद सभी खिलाड़ियों को समुचित मौका देना, उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए प्रोत्साहित करना है जो खिलाड़ियों और संघों दोनो के लिए लाभकारी होगा। खेल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि लीग का 20 फीसदी मुनाफा खिलाड़ियों को दिया जाएगा।