भारतीय पहलवान लव ने रचा इतिहास

  |    December 27th, 2017   |   0

एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को दिलाया रजत पदक

नई दिल्ली(संवाददाता)- भारतीय पहलवान लव सिंह ने सातवीं कुश्ती पहलवानी एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह भारत की तरफ से एकमात्र पहलवान है जिन्होंने इस चैंपियनशिप में अपने देश को पदक दिलाकर भारतीय झंडा फहराया। इस चैंपियनशिप का आयोजन अंतरास्ट्रीय जुरखानेह स्पोर्ट्स फेडरेशन ने फिलीपिंस में 19-24 दिसंबर तक किया था। इस फेडरेशन को टफिसा वर्ल्ड गेम्स से मान्यता प्राप्त है जिन्हें अंतरास्ट्रीय ओलंपिक समिति से मान्यता मिली है। जुरखानेह स्पोर्ट्स और कुश्ती पहलवानी एसोसिएशन इंडिया ने टीम को फिलीपिंस भेजा था। 

30 वर्षीय लव फाइनल में ईरान के पहलवान महसून जोल्गी से 90 किग्रा में मुकाबला 4-5 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में ईराक के मुहम्मद इफतार अली को 3-0 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक के मुकाबले के लिए जगह बनाई थी।

उन्हें क्वार्टर फाइनल में बाई मिला था। दूसरे राउंड मैच में उन्होंने दक्षिण कोरिया के जिम केई को 6-4 से हराया था, जबकि पहले मुकाबले में उन्होंने थाईलैंड के लुईस एंसन को 8-2 से अपना जीत का खाता खोला था। इस चैंपिय​नशिप में 24 देशों के 200 पहलवानों ने हिस्सा लिया था। 

इतिहास रचने पर लव ने कहा कि मैं रजत पदक जीतकर खुश हूं। स्वर्ण नहीं जीत पाया इससे थोड़ा निराश हूं, लेकिन मैं अपना शानदार प्रदर्शन किया। मुझे खुशी हैं कि मैं अपने देश का इस टूर्नामेंट में पदक जीतने वाला एकमात्र पहलवान हूं। अब मेरा अगला लक्ष्य अगले साल इन खेलों में और 2020 टफिसा वर्ल्ड गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का है।

इस चैंपियनशिप की शुरुआत 2004 में हुई थी। भारत ने दूसरी बार हिस्सा लिया था और आठ पहलवानों ने इसमें शिरकत की थी, लेकिन लव ने भारत को खाली हाथ देश लौटने नहीं दिया। इससे पहले पिछले साल भारतीय पहलवानों ने हिस्सा लिया, लेकिन वह पदक नहीं जीत सके थे। यह ईरान की ट्रेडिशनल कुश्ती है जो मेट पर कैपरी में खेली जाती है जिसमें तीन राउंड तीन-तीन मिनट के होते हैं। इस चैंपियनशिप का आठवां सत्र दक्षिण कोरिया में होगा। चार साल के अंतराल में होने वाले टफिसा वर्ल्ड गेम्स 2020 में पुर्तगाल में होंगे।