भारतीय शैली कुश्ती महासंघ ही करा सकता हिंद केसरी, रूस्तमें हिंद जैसे टाईटल : रामाश्रय यादव

  |    January 1st, 2019   |   0

नई दिल्ली(संवाददाता)- भारतीय शैली कुश्ती महासंघ द्वारा दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान अध्यक्ष रामाश्रय यादव ने पत्रकारों को बताया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पारंपरिक शैली की राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन तो कर सकता है लेकिन वह हिंद केसरी जैसे टाइटल का इस्तेमाल नहीं कर सकता।रामाश्रय ने भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के महासचिव और द्रोणाचार्य अवार्डी रोशनलाल ने भी संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों महासंघों का संविधान अलग अलग है जिसमें यह स्पष्ट बता रखा है कि डब्ल्यूएफआई गद्दे पर कुश्ती कराता है और उनका संघ मिट्टी पर कुश्ती का आयोजन करता है।

उन्होंने कहा,‘‘हमें इस बात से कोई एतराज नहीं है कि डब्ल्यूएफआई पहली पारंपरिक शैली की कुश्ती का आयोजन कर रहा है लेकिन हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वह हिंद केसरी, भारत केसरी और रूस्तमें हिंद जैसे टाइटल का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।’ भारतीय शैली कुश्ती महासंघ ने इसके खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में शरण ली थी जिसने यह फैसला दिया कि भारतीय शैली कुश्ती महासंघ ही ऐसे टाइटल का आयोजन कर सकता है।

ध्यान रहे कि भारतीय शैली कुश्ती महासंघ 1958 में अस्तित्व में आने के बाद से ही मिट्टी पर दंगलों का आयोजन कर रहा है और उसने इस शैली में 50 राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित की हैं जिनमें हिंद केसरी, भारत केसरी और रूस्तमे हिंद जैसे टाइटल दिए गए हैं। रामाश्रय ने बताया कि उच्च न्यायालय ने हमारे हक में फैसला दिया है कि हम ही हिंद केसरी जैसे टाइटल का इस्तेमाल कर सकते हैं कोई और नहीं।