भारतीय संगीत का सम्मान पूरे विश्व में हैं : प्रो. गिरीश्वर मिश्र

  |    June 26th, 2018   |   0

विश्व संगीत दिवस के अवसर पर हिंदी विवि में संगीत समारोह का आयोजन

वर्धा (संवाददादा)-विश्व संगीत दिवस, 21 जून के उपलक्ष्‍य में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में सांगीतिक संध्या का आयोजन किया गया।  इस आयोजन में सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में पदस्थ सहायक प्रोफेसर  जयंत बर्मन, हिंदी विश्वविद्यालय के शोधार्थी गजेंद्र पांडे, नितप्रिया प्रलय आदि ने अपनी प्रस्तुति दी।

कलाकारों ने भवैया, कबीर गायन के साथ  उड़ीसा तथा बिहार के प्रमुख लोक संगीत को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया । इस कार्यक्रम की रूप रेखा पर प्रकाश डालते हुए प्रदर्शनकारी कला विभाग के विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ओमप्रकाश भारती ने बताया कि विश्व संगीत दिवस की शुरुआत फ्रांस में 1976 से हुई थी। इस जलसे में अमेरिकी गीतकार जोएल कोहेन ने अपनी प्रस्तुति दी थी। इसके बाद इस कार्यक्रम को प्रति वर्ष आयोजित किया जाना सुनिश्चित हुआ था।

भारत के संदर्भ में  भी इस कार्यक्रम की प्रासंगिकता इसलिए भी बढ़ जाती हैं क्योकि भारत जैसे सांस्कृतिक विविधता वाले देश में अब तक पाँच सांगीतिक कलाकारों को भारतरत्न मिल चुका है । इनमें से कइयों को मैग्सेसे पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है । श्रम, संघर्ष, साधना तथा  प्रकृति की  विविध ध्वनियों  से भरे पूरे भारतीय संगीत की  इन पांचों विभूतियों  एम एस सुब्बूलक्ष्मी, पंडित रविशंकर, लता मंगेशकर, विस्मिल्लाह खाँ, पंडित भीमसेन जोशी के संगीत का भारतीय जनमानस में प्रभाव भी प्रसंशनीय है।

सांगीतिक संध्या का शुभारंभ करते हुए अपने उद्बोधन में विवि के कुलपति प्रोफेसर गिरीश्वर मिश्र ने  विश्व संगीत दिवस  का संदेश जारी करते हुए कहा कि विश्व बंधुत्व, भाई चारा तथा अंतर्राष्ट्रीय शांति के प्रयासों को उर्वर बनाने में संगीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । भारतीय संगीत, संस्कार,अध्यात्म , योग, दर्शन तथा श्रमिक वर्गो की जीवन संघर्ष की प्रति ध्वनि है। भारतीय संगीत का सम्मान पूरे विश्व में हैं। संगीत के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्य और दर्शन का प्रसार पूरे विश्व में किया है। महाराष्ट्र खासकर विदर्भ का भारतीय संगीत में प्रमुख योगदान रहा है कुमार गंधर्व, भातखण्डे,विष्णु पुलुष्कर जैसे महान संगीतकार विभूतियाँ इसी धरती से जुड़ी थी।  हम चाहते हैं कि विवि प्रतिवर्ष संगीत दिवस का योजन और विस्तारित रूप  से करे।

इस सांगीतिक संध्या का आयोजन का आयोजन विवि के प्रदर्शन कारी कला विभाग ने किया। संलाचन अभिषेक त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरभि विप्लव तथा अन्य शिक्षकों के साथ विभाग के शोध छात्र मनीष जैसल, अशोक यादव, अशोक बैरागी, विभागीय पदाधिकारी हिमांशु नारायण, प्रगति मिरगे  समेत भारी संख्या में विवि के छात्र छात्राओं ने सांगीतिक संध्या का लुत्फ उठाया।