मनुष्य के 16 संस्करों में सबसे उत्तम संस्कार होता है जातकर्म संस्कार : गुणप्रकाश चैतन्य महाराज

  |    February 18th, 2020   |   0

महाशिवरात्रि महोत्सव में भजन गायकों को मिला सम्मान

भादरा (संदीप कौशिक)- श्री प्रबल जी महाराज की कुटिया में श्री सिद्धेश्वर महादेव सेवा समिति के तत्वावधान में सात दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा। जिसके अंतर्गत प्रति दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है इसी कड़ी में भजन संध्या का आयोजन किया गया।

जिसमें भादरा शहर के स्थानीय भजन गायकों के द्वारा भक्तिमय भजनों का शानदार तरीके गायन कर सब को आनंदविभोर किया। भजनों की प्रस्तुति देने वाले उपस्थित कलाकारों को परम् पूज्य डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य जी महाराज, प्राचार्य डॉ विदिश दत्त शर्मा और श्री सिद्धेश्वर महादेव सेवा समिति अध्यक्ष शिव शंकर गोल्याण के द्वारा समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

सप्त दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव के तृतीय दिन पूज्य श्री गुणप्रकाश चैतन्य जी महाराज ने श्रीकृष्ण कथा का विस्तार से गुणगान करते हुए मनुष्य के 16 संस्करों के बारे में अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि 16 संस्करों में सबसे उत्तम संस्कार जातकर्म संस्कार होता है क्यों कि इसी संस्कार के माध्यम से आप अपने संतान में जैसे संस्कार डालना चाहते है वह उनमे  मानसिक संकल्प कर डाल सकते है। महाराज श्री ने कृष्ण चरित्र पर सूक्ष्म प्रकाश डालते हुए बताया के कृष्ण भगवान ने मिट्टी इस लिए खाई थी के इसके द्वारा पृथ्वी पर बढ़ रहे पाप प्रदूषण का आंकलन कर सके साथ ही पूज्य श्री ने सभी भक्तों से अपने जीवन में कम से कम 10 पेड़ लगा कर उनका पालन पोषण करने का आवाहन किया।

रात्रि में 1100 सामूहिक हनुमान चालीसा दिप दान सहित सम्पन्न हुआ।