ग्लोबल हिंदी फ़ाउंडेशन सिंगापुर की और से दूसरा हिंदी समृद्ध व्यक्तित्व पुरस्कार समारोह

  |    January 13th, 2020   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)- विश्व हिंदी दिवश के उपलक्ष्य में ग्लोबल हिंदी फ़ाउंडेशन सिंगापुर की और से दूसरा हिंदी सम्र्द्ध व्यक्तित्व (HEP) पुरस्कार समारोह दिल्ली में आयोजित किया गया। अंतराष्ट्रीय हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में आज की युवा पीढ़ी के बहुत से थॉट लीडर्ज़ ने हिंदी के कॉरपोरेट जगत और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।

इससे पूर्व भाषा के व्यावहारिक परिवेश को लेकर एक दिवसीय विचार चर्चा भी रखी गई। जिसमें भाषा-संचार, शिक्षा और भाषा, इंडस्ट्री एवं भाषा तथा ईनोवैसन-भाषा के बिन्दूओ पर विषय विशेषज्ञों ने पैनल डिस्कशन किया।

कार्यक्रम में हिंदी वंदना के पश्चात उद्घाटन सत्र मेंभाषा व संचार तंत्र पर चर्चा शुरू हुई ।जिसमें डॉक्टर मीना महाजन, सुरेश मानसहरमनी, विवेक अत्रे व डॉक्टर साकेत सहाय ने चर्चा करते हुए कहा कि भाषा,संचार का सशक्त माध्यम है , सभी वार्ताकारों ने एक मत होकर कहा कि हिंदी फ़िल्मों का हिंदी के प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान है।

अगले सत्र शिक्षा और भाषा पर चर्चा करते हुए डॉक्टर सौम्या ने कहा कि शुरुआत अपने आप से ही करनी होगी। और भाषा को सम्र्द्ध बनाने के लिए इसका शिक्षा मुखी होना बहुत ज़रूरी है।इस सत्र में सैम बैंसला ने अपनी प्राथमिकताओंको पहचाहने पर ज़ोर दिया औरपरिवार व शिक्षा संस्थानो की अपनी अपनी ज़िम्मेवारी व समन्वय पर अपने विचार रखे। इसी विषय पर अध्यापिका रेणु ने इस बातपर ज़ोर दिया कि हमें कम से कम शुरुआत तो करनी चाहिए।

अगले सत्र भाषा एवं इंडस्ट्री में अपने विचार प्रस्तुत करते हुए रेखा शर्मा नेकहा कि बाज़ार अपनी भाषा अपने आप चुन लेता है और बाज़ार ही भाषा की दशा व दिशा निर्धारित करता है ।सत्र को आगे ले जाते हुए अनुभव श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा में निवेश की बहुतआवश्यकता है जबकि आज के भारत में दूसरे मुद्दों के तुलना में यह नगण्य है । इसी सत्र में आगे सौरभ गोयल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सीखते रहना ज़रूरी है।

अंतिम सत्र का विषय था- भाषा और नवोन्मेष। सत्र की शुरुआत में संजय सूर्यवंशी ने कहा कि ईंनोवैसन का विचार मस्तिष्क सेआता है और यह भाषा का मोहताज नहीं है ।इसी बात को आगे बढ़ाते हुए राजीव जायसवाल ने कहा कि ईनोवेसन ज़रूरत से पैदा होताहै हालाँकि माइक्रोसॉफ़्ट के बालेंदु शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यधपि नवोन्मेष पर भाषा का बहुत कम प्रभाव होता है परन्तु इसके प्रसार ये इसके फलीभूत होने में भाषा का महत्वपूर्ण योगदान है। इस सत्र को डॉक्टर सत्येन शर्मा ने मोडरेट किया।

कार्यक्रम की दूसरी कड़ीमें पुरस्कार वितरण किया गया जिसने हिंदी अध्यापिका मीना शर्मा को विशिष्ट हिंदी समृद्ध पुरस्कार दिया गया। इनके अलावा प्रधानाचार्या वंदना कपूर, विवेक अत्रे, रेखा शर्मा, बालेंदु शर्मा, राजीव जायसवाल, साकेत सहाय, सैम बैंसला, मीनामहाजन, सौरभ गोयल, डॉक्टर सौम्या, सत्येन शर्मा, अनुभव श्रीवास्तव आदि को ग्लोबल हिंदी फ़ाउंडेशन की अध्यक्ष ममता मंडल व रेणु हुसैन जी ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम का सफल मंच संचालन दीपेश सिंगल ने बहुत ही क्लिष्ट हिन्दी में किया। अंत में ममता मंडल ने सभी का धन्यवाद किया।