अंबाला का सुखपाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल हरियाणा में प्रथम और इंडिया में 5वें स्थान पर

  |    February 9th, 2020   |   0

हरियाणा के सुखपाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल को 26 फरवरी को मुंबई में मिलेगा एजुकेशन वर्ल्ड स्कूल रैंकिंग-2020 का अवार्ड

अंबाला (संवाददाता)- एजुकेशन वर्ल्ड स्कूल रैंकिंग में हरियाणा के सुखपाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने हरियाणा में प्रथम स्थान पर और इंडिया में 5वां स्थान हाशिल किया है। एजुकेशन वर्ल्ड मैग्जीन द्वारा स्कूल रैंकिंग-2020 के लिए किए गए सर्वे में सभी मापदंडों पुरा करते हुए बजट प्राईवेट स्कूलों की श्रेणी में हरियाणा के सुखपाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने बाजी मारी है। स्कूल को यह अवार्ड 26 फरवरी को मुंबई में प्रदान किया जाएगा। सुखपाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना अंबाला जिले के शाहबाद में प्रथम संस्थापक व प्रिंसिपल सरदार सेवा सिंह द्वारा 1 अप्रैल 1986 में की गई थी।

वर्तमान में सरदार हरपाल सिंह के नेतृत्व में सुखपाल स्कूल को मिली यह खास उपलब्धि दर्शाती है कि स्कूल में शिक्षा का क्या स्तर है और छात्रों को किस प्रकार की शिक्षा दी जा रही।
स्कूल निरंतर प्रगति कर रहा है। स्कूल के लगातार आने वाले शत-प्रतिशत परिणाम व अन्य शिक्षण गतिविधियों के अलावा स्कूल के छात्रों ने खेल क्षेत्र में भी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराए हैं। इन्हीं सब प्रयासों के कारण स्कूल ने शिक्षा जगत में अपनी खास पहचान बनाई है और आज हरियाणा में प्रथम स्थान और इंडिया में 5वें स्थान का खिताब हाशिल करने में सफलता पाई है।
इस उपलब्धि के बाद सुखपाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सरदार हरपाल सिंह ने कहाकि उन्हें ही नहीं बल्कि इस अवार्ड से पूरे सुखपाल स्कूल परिवार को काफी खुशी मिली है, इस अवार्ड को पाने में शिक्षकों के अलावा अन्य स्टाफ की मेहनत भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण कारण है जिसकी बदौलत सुखपाल स्कूल आज देश व प्रदेश में चमका है, वो है उनके स्कूल में दिल्ली के मुनि इंटरनेशनल स्कूल के मुनि मेथेड अधारित शिक्षा का दिया जाना। दो वर्ष पूर्व उनके स्कूल ने मुनि इंटरनेशनल स्कूल साथ एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद से यहां मुनि मेथेड को अपना कर खास शिक्षण-प्रशिक्षण पद्दति को अपनाया गया है। स्कूल मुनि मेथेड में शिक्षाविद् डॉ. अशोक कुमार ठाकुर द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए 44 से अधिक नवाचारों को शामिल करने के साथ-साथ स्कूली छात्रों को जापानी भाषा, अंग्रेजी का ज्ञान और वैल्यू एजुकेशन पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

लेकिन मुनि स्कूल की पद्दति पर चलते हुए हमारे यहां प्राचीन व आधुनिक शिक्षा के मेल से छात्रों में हर वक्त कुछ नया करने की सोच विकसित की जाती है। क्योंकि छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा कराने और डिग्रियां देने का काम तो सभी स्कूलों में किया जाता है लेकिन हम किताबी ज्ञान के अलावा छात्रों को जवीन के लिए उपयोगी शिक्षा देकर सभ्य इंसान के साथ-साथ उसे स्वावलंबी बनाते हैं।