हरियाणा की उपायुक्त सोनल गोयल को मिला आउटस्टैंडिंग वुमन एडमिनिस्ट्रेटर अवार्ड

  |    October 2nd, 2018   |   0

हरियाणा (बी.आर.मित्तल)- झज्जर जिला की उपायुक्त सोनल गोयल को रविवार को नई दिल्ली में एफएमआरटी अस्मिता-वुमन लीडरशिप कॉन्क्लेव में आउटस्टैंडिंग वुमन एडमिनिस्ट्रेटर अवार्ड से नवाजा गया। कॉनक्लेव की मुख्यातिथि पद्म भूषण सम्मान प्राप्त एवं प्रख्यात अभिनेत्री शबाना आजमी द्वारा अकेली महिला प्रशासनिक अधिकारी सोनल गोयल को एडमिनिस्ट्रेटर अवार्ड प्रदान करते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की और उन्हें महिलाओं के लिए एक आदर्श बताया।
सम्मान समारोह में पद्मश्री शोवना नारायण बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रही जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता एफएमआरटी की फाउंडर व चेयरपर्सन डॉ ज्योति राणा ने की। गौरतलब है कि एफएमआरटी अस्मिता- वुमन लीडरशिप कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को नई दिल्ली स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सभागार में सम्मानित किया गया।
वुमन लीडरशिप कॉन्क्लेव में मुख्यातिथि शबाना आजमी ने झज्जर उपायुक्त सोनल गोयल को सम्मान देते हुए कहा कि उन्हें बताया गया कि झज्जर जिले में श्रीमती गोयल द्वारा सामाजिक बदलाव में उठाये जा रहे कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर जिस प्रकार सोनल गोयल अपनी जिम्मेवारी निभा रही हैं वहीं उनके जनहित में सामाजिक संदेश के साथ किये जा रहे कार्य न केवल महिलाओं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। आउटस्टैंडिंग वुमन एडमिनिस्ट्रेटर अवार्ड लेने उपरांत मंच से उपायुक्त सोनल गोयल ने अपने अनुभव भी सांझे किये। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल एक सकारात्मक सोच के साथ सामाजिक बदलाव की दृष्टि से काम कर रहे हैं। एक सफल नेतृत्व को मार्गदर्शक मानते हुए वे भी प्रयास करती हैं कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ऐसे में आधारभूत ढांचागत विकास कराने के साथ ही झज्जर जिले में सोच-पे-दस्तक मुहिम के तहत पुरुषों व महिलाओं की मानसकिता को बदलने की कोशिश झज्जर प्रशासन की ओर से की जा रही है। युवा शक्ति को भी इस मुहिम से जोड़ते हुए संस्कारवान बनाया जा रहा है ताकि महिलाओं के प्रति आपराधिक मामलों पर अंकुश लग सके। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि महिला होना ही आपके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है, न कि आपका सबसे बड़ा डर। इस नारीत्व को अपने आत्मविश्वास के रूप में अपनाकर अपने डर और दबाव को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेटी की शिक्षा पूरे परिवार को शिक्षित करती है, ऐसे में बेटियों को स्वावलंबी बनाना बेहद जरूरी है। यहां आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 8 मार्च को उपायुक्त सोनल गोयल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत हरियाणा की टीम का नेतृत्व किया था। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने झज्जर जिले में चलाए जा रहे पुनीत अभियान के लिए उपायुक्त सोनल को प्रोत्साहित भी किया।
कॉन्क्लेव के दौरान उपायुक्त सोनल गोयल सहित आईआईएम कोजिखोड़े के निदेशक डॉ देबाशीष चटर्जी, प्रो.निहारिका वोहरा, शुक्ला बोस, छांव फाउंडेशन की डायरेक्टर लक्ष्मी अग्रवाल, काल्कि सुब्रमण्यम, पूर्व मिस इंडिया शिवानी वजीर, डॉ कृति पारेख, डॉ कविता ए शर्मा, लेखिका प्रीति सिंह, तन्नू वेड्स मनु फेम अभिनेत्री दीप्ती मिश्रा ने विचार सांझे किए।