गुरु नानक की शिक्षा आज भी अत्यधिक प्रासंगिक है : सरदार नवतेज सिंह सरना

  |    February 23rd, 2019   |   0

नई दिल्ली (राजेश शर्मा)-गुरु नानक की 550 वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरु नानक के दर्शन एवं धरोहर पर केन्द्रित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज मेंकरते हुए केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी ने गुरु नानक और महात्मा गाँधी के सिद्धांतों में समानता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि अलग समय एवं समाज में होने के बावजूद एक सहज वैचारिक समानता दोनों में दिखाई पड़ती है। पर्यावरण,सतत पोषणीय विकास एवं लैंगिक समानता को बहुत महत्वपूर्ण रूप से गुरु नानक ने अपनी शिक्षा के केंद्र में रखा।

भारत-पाकिस्तान राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पप्पी-झप्पी वाली राजनीति अब पुरानी हो चुकी है,इसलिए अब रणनीति परिवर्तन कि आवश्यकता है। करतार-पुर कॉरिडोर की मांग अटल बिहारी वाजपेयी के ज़माने से ही उठी थी।

अमेरिका के पूर्व भारतीय उच्चायुक्त एवं लेखक सरदार नवतेज सिंह सरना ने बीज वक्तव्य देते हुए कहा कि आज गुरु नानक की शिक्षा अत्यधिक प्रासंगिक है इसलिए जरूरत इस बात कि है कि उनकी शिक्षा को सही सन्दर्भों में व्याख्यायित किया जाये,ताकि आने वाले पीढियां गुरु नानक के महत्त्व को समझ पायें। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में शिरोमणि  गुरुद्वारा प्रबंधक -समिति के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने गुरु नानक के सिद्धांतों और दर्शन का वैश्विक स्तर पर पड़ने वाले बेहतर  प्रभावों का जिक्र  करते हुए विश्व धर्म सहिष्णुता की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ  में कॉलेज विद्यार्थियों द्वारा  सबद कीर्तन किया गयाI कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ जसविंदर सिंह ने अमरीका,कनाडा ,जर्मनी ,बांग्लादेश समेत अनेक देशों के विद्वानों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरु नानक के शिक्षा को सार्थक रूप से प्रचारित करने में खालसा कॉलेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

इस मौके पर दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका, महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा की विशिष्ट उपस्थिति में अनेक देशों के विद्वानों को सम्मानित किया। सम्मानित विद्वानों में बांग्लादेश विश्वविद्यालय के काजी नुरुल इस्लाम, अमरीका के होफ्स्ट्रा विश्वविद्यालय में संगीत की प्रोफेसर फ्रंचेस्क कैसिओ,अमरीका के होफ्स्ट्रा विश्वविद्यालय में सिक्ख अध्ययन के प्रोफेसर डॉ बलविंदर सिंह, मदुरै विश्वविद्यालय के एन मुथूमोहन , डॉ जय भगवान् गोयल (सेवा निवृत्त) कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय,जाधवपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हिमाद्री बनर्जीऔर पंजाब विश्वविद्यालय के डॉ धरमपाल मैनी(सेवा निवृत्त) के नाम प्रमुख रहे।