गुरु हनुमान अखाड़े का काया कल्प करेगा गुरु हनुमान भारतीय खेल संस्थान

  |    May 19th, 2018   |   0

नई दिल्ली (राजेश शर्मा)- भारतीय कुश्ती के पितामह गुरु हनुमान के विश्व प्रसिद्ध गुरु हनुमान अखाड़े को फिर से नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए गुरु हनुमान भारतीय खेल संस्था का गठन किया गया है, जिसका अध्यक्ष द्रोणाचार्य अवार्डी राज सिंह को बनाया गया है।
नव गठित गुरु हनुमान भारतीय खेल संस्था के अध्यक्ष राज सिंह ने शुक्रवार को संस्था के पदाधिकारियों के साथ संवाददाताओं को बताया कि गुरु हनुमान अखाड़े से जुड़े पहलवानों और कोचों ने इस संस्था का गठन किया है जिसका लक्ष्य गुरु हनुमान के आदर्शों पर चलते हुए इस अखाड़े को उसके स्वर्णिम दौर में लौटाना है।राज सिंह ने बताया कि 24 मई को गुरु हनुमान की 19वीं पुण्यतिथि पर अखाड़े में हवन और भंडारे का आयोजन किया गया है और इस अवसर पर ओलम्पिक तथा राष्ट्रमंडल पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और उनके गुरु महाबली सतपाल के अलावा मुख्य राष्ट्रीय कोच जगमिंदर को सम्मानित किया जाएगा। इनके अतिरिक्त उस्ताद, खलीफा और अन्य अवार्डियों को भी सम्मानित किया जाएगा। गुरु हनुमान भारतीय खेल संस्था का महासचिव दिलबाग सिंह पहलवान, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार और उपाध्यक्ष भारत केसरी पहलवान नवीन मोर को बनाया गया है। संस्था के प्रमुख सरंक्षक महाबली सतपाल और मुख्य सरंक्षक करतार तथा जगमिंदर पहलवान हैं।
महासचिव दिलबाग ने बताया कि गुरु हनुमान अखाड़े से देश के नामी गिरामी पहलवान और कोच निकले हैं जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से देश को गौरव प्रदान किया है। दिलबाग ने बताया कि इस अखाड़े से एक पद्म विभूषण, तीन पदमश्री, छः द्रोणाचार्य और 17 अर्जुन अवार्डी निकले हैं जो भारत में किसी भी अन्य अखाड़े से ज्यादा हैं इसके बावजूद गुरु हनुमान अखाड़ा परिसर के हालत खराब होते चले गए हैं लेकिन अब हम इसे सुधारना चाहते हैं। दिलबाग ने कहा कि अखाड़े में सुविधाओं के नाम पर न तो अभ्यास भवन है और न ही रसोई और जिम है। पहलवानों को खुले आकाश के नीचे खाना बनाना पड़ रहा है। अभ्यास के लिए सिर्फ सड़कों पर दौड़ने का विकल्प बचा है। सुविधाओं के अभाव में अखाड़े से अच्छे पहलवान नहीं निकल पा रहे हैं। राज सिंह ने बताया कि अखाड़े को सुधारने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं और इन्ही प्रयासों के तहत अखाड़े में चार एयर कंडीशनर और जिम उपकरण लगा दिए गए हैं।
संस्था के उपाध्यक्ष नवीन मोर और चांदराम ने कहा कि संस्था के प्रयासों से प्रभावित होकर अनेक सामाजिक संगठन और कार्यकर्ता इस अखाड़े कीमदद करने के लिए आगे आये हैं। संस्था के कोषाध्यक्ष रमेश कुमार और अन्य पदाधिकारी ओम पहलवान तथा रणबीर सिंह ने भी बताया कि बिरला मिल से मिल रहा सहयोग उन्हें आगे भी मिलता रहेगा और इस सम्बन्ध में शीघ्र ही बिरला मिल अधिकारियों से बैठक कर अखाड़ा परिसर की आवश्यकताओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा ताकि इस विश्व प्रसिद्ध अखाड़े को आगे बढ़ाया जा सके और देश के लिए पदक जीतने वाले पहलवान तैयार किये जा सकें।