सरकारी शिक्षा तंत्र में बदहाल के खिलाफ केवाईएस प्रदेश भर में करेगा जन-आन्दोलन

  |    December 1st, 2017   |   0

नई दिल्ली(संवाददाता)- बवाना जे.जे.कॉलोनी के बॉयज स्कूल को कुछ समय पहले सरकारी आदेशानुसार सुबह की पाली से शाम की पाली में शिफ्ट कर दिया गया था। जिसके बाद से इन स्कूली छात्रों की पढाई को भारी नुकसान हुआ है।

क्रान्तिकारी युवा संगठन (केवाईएस) का आरोप है कि स्कूल को जब से शाम के शिफ्ट में बदला गया है उसके बाद से 15 से भी ज्यादा शिक्षक यहां से अपना ट्रान्सफर दूसरे स्कूलों में करवा चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ स्कूल में आने वाले छात्रों की संख्या में भी भारी कमी आई है और कुछ छात्रों ने तो परेशान होकर अपनी पढाई बीच में ही छोड़ दी है। इन तमाम मुद्दों को लेकर क्रान्तिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने स्कूली छात्रों के साथ उप-शिक्षा निदेशक के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन किया।

ज्ञात हो की जे.जे. कॉलोनी का स्कूल होने के कारण यह स्कूल पहले ही बहुत-सी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में चल रहा था। केवाईएस का कहना है कि स्कूल में सभी विषय के पूरे शिक्षक तक नहीं हैं यहां 3500 छात्रों पर केवल 44 स्थायी शिक्षक हैं। बच्चों को भीड़ भरी कक्षाओं में, बिना लाइब्रेरी के, बिना लैब के, गंदे टॉयलेट व बिना साफ पानी के ही पढने को मजबूर होना पड़ रहा है। हर समय स्कूल के सामने पड़े कूड़े का ढेर बना रहता जिससे पूरे स्कूल-कैंपस में बदबू का आलम बना रहता है। जे.जे. कॉलोनी के इस सरकारी स्कूल में ज्यादातर छात्र आस-पास की झुग्गियों से ही यहाँ पढने आते हैं। जो सुबह के समय स्कूल की पढाई करते हैं और स्कूल के बाद शाम को कोई छोटा-मोटा काम धंधा करके अपने परिवार की सहायता भी करते हैं।

लेकिन स्कूल की शिफ्ट शाम को किये जाने के बाद से इनका काम छूट गया हैं जिसकी वजह से अब इन छात्रों को आर्थिक और पारिवारिक दबाब के चलते स्कूल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

केवाईएस मांग करता है कि बवाना बॉयज स्कूल को शाम की पाली से बदलकर सुबह की पाली में शिफ्ट किया जाये और जिन गर्ल्स को सुबह की पाली में कक्षाएँ दी जा रही है उनके लिए जल्द से जल्द नए क्लासरूम व नया स्कूल बनाया जाये। स्कूल में छात्रों के लिए साफ पानी, साफ़ टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ लैब की, लाइब्रेरी की जैसी जरूरतों को भी पूरा किया जाये। इसके साथ-साथ केवाईएस सरकार से यह भी मांग करता है कि सरकार उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे जिन अधिकारीयों ने छात्रों की पढाई और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर इस तरह का मनमाना फैसला लागू किय।