गोल्फ फाउंडेशन की सफलता में जुड़ा नया अध्याय, गोल्फरों की मदद लिए आयोजित किया 7वां फंडरेजिंग ईवेंट

  |    February 29th, 2020   |   0

गोल्फ  को चुनना आसान, लेकिन इसमें टिके रहना बड़ी चुनौती है : अमित लूथरा

गुरूग्रम (राजेश शर्मा)- गुरूग्रम में मानेसर स्थित क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब में गोल्फरों की कला सामने आई, जिसमें कॉर्पोरेट जगत तथा शौकिया गोल्फरों ने भाग लिया। इस बहुप्रतीक्षित कॉर्पोरेट टूर्नामेंट में पूर्व क्रिकेटर बद्रीनाथ ने भी अपने गोल्फ कौशल दिखाया। सौंदर्य जगत में खास पहचान रखने वाली लीवा-मिस-दीवा की विजेता मिस नेहा जायसवाल ने अपनी सुंदरता का जलवा बिखेर कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

गोल्फ फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह 7वां फंडरेजिंग ईवेंट था। जिसका मुख्य उद्देश्य़ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाले कई जरूरतमंद भारतीय गोल्फरों की मदद करना और गोल्फ के लिए नई प्रतिभा को तलाश कर उनको आगे बढ़ने के अवसर देना।

इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए गोल्फ फाउंडेशन के अध्यक्ष अमित लूथरा ने बताया कि वो गोल्फ फाउंडेशन के माध्यम से 20 वर्षों से कई युवा और नवोदित गोल्फरों की मदद कर रहे हैं। गोल्फ के खेल को चुनना आसान है, लेकिन इसमें टिके रहना एक बड़ी चुनौती है। लूथरा खुद अपने जमाने के एक बेहतरीन खिलाड़ी रहे , जो 1982 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में शामिल थे जो भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवार्ड भी सम्मानित हैं।

लूथरा ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि हमारे खिलाड़ी राशिद खान और ब्रांड एंबेसडर शुभंकर शर्मा अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। राशिद का ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना निश्चित है और शुभंकर के भी इसमें शामिल होने की संभावना है।

श्री लूथरा ने बताया कि राशिद के अलावा भी, गोल्फ फाउंडेशन भारतीय गोल्फ में सफलता की कई इबारतें लिखने में सक्षम रहा है। अशोक कुमार, एस चिक्करंगप्पा और चार बार विश्व जूनियर चैंपियन रहे शुभम जगलान जैसे कुछ नाम हैं, जिन्हें फाउंडेशन की सपोर्ट का लाभ मिला है।

कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं की मदद के लिए गोल्फ फाउंडेशन को 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल पुरस्कार पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था।

गोल्फरों को सम्मानित किए जाने के अवसर पर सुहानी शाम में राघव सच्चर की संगीत महफिल में कई शानदार परफॉर्मेंस दी गई,जिसका सभी ने जम कर लुत्फ उठाया। ध्यान रहे कि राघव सच्चर को रुस्तम सहित विभिन्न फिल्मों में 36 वाद्ययंत्र बजाने और गाने का गौरव प्राप्त है।