लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों से करवाएं सफाई या जनसेवा : वरुण आर्य

  |    March 27th, 2020   |   0

कोरोना महामारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में संपूर्ण लॉक डाउन का ऐलान किया है। फिर भी इसके उल्लंघन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मीडिया कंसल्टेंट और समाजसेवी वरुण आर्य ने कहा कि ऐसे मस्तीखोर लोगों पर सिर्फ सख्ती बरतना कोई समाधान नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों को सजा के तौर पर जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए होम डिलीवरी के काम पर लगा देना चाहिए। तभी इन्हें मौजूदा स्थिति की गंभीरता समझ आएगी।

वरुण आर्य

कोरोना महामारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में संपूर्ण लॉक डाउन का ऐलान किया है। फिर भी इसके उल्लंघन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मीडिया कंसल्टेंट और समाजसेवी वरुण आर्य ने कहा कि ऐसे मस्तीखोर लोगों पर सिर्फ सख्ती बरतना कोई समाधान नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों को सजा के तौर पर जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए होम डिलीवरी के काम पर लगा देना चाहिए। तभी इन्हें मौजूदा स्थिति की गंभीरता समझ आएगी।

वरुण आर्य ने कहा कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में सम्पूर्ण लॉकडाउन लागू किया है। कामकाजी लोगों को घरों से ही काम करने की हिदायत देते हुए सभी लोगों को घरों में ही रहने की अपील की गई। लोग इसका पालन भी कर रहे हैं। लेकिन तमाम जगहों पर कुछ ऐसे मनचले और मस्तीखोर लोग भी हैं जो इसे सामान्य तौर पर लेते हुए बेफिक्र सड़कों पर मस्ती करते हुए घूम रहे हैं। यहाँ तक कि पुलिस की रोकटोक के बावजूद वे सड़कों पर बाइकें लहरा रहे हैं।

लॉकडाउन के चलते पुलिस को सख्ती से इसका पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं तो जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है। इसके चलते आम लोगों को घरों में रहते हुए रोजमर्रा की जरूरत के सामान के लिए भी जूझना पड़ रहा है। सरकार इन लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने की जुगत लगा रही है। लेकिन तमाम सख्ती के बावजूद ये मस्तीखोर लोग लगातार लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। यहां तक कि लाठियां खाकर भी ये सुधर नहीं रहे। इनके चलते कोरोना की रोकथाम के प्रयास भी विफल होता नजर आ रहा है।

एक तरफ जनता परेशान है तो दूसरी तरफ सरकारें, कि कैसे जनता की परेशानी को दूर किया जाए। वहीं पुलिस भी इन मस्तीखोर लोगों के चलते दिनरात एक कर रही है कि कैसे इन पर अंकुश लगाया जाए। इसका सबसे सटीक और बेहतर उपाय यह है कि इसका उल्लंघन करने वालों को अब लठियाने के बजाए नपियाया भी जाए। मतलब ये कि घरों से निकलने के लिए मचलने वाले ऐसे लोगों को ही अब जनता की परेशानी दूर करने के लिए काम में लाया जाए। सरकार लोगों को घर-घर जाकर लोगों तक जो बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती है, उस काम के लिए इन्हें होम डिलीवरी के काम पर लगाया जाए।इससे लोगों की समस्या भी हल हो जाएगी, सरकार का उद्देश्य भी पूरा होगा और इनके पीछे भागती पुलिस को भी राहत मिलेगी। तब इन लोगों को कोरोना के चलते हुए पैदा हुए हालातों की गंभीरता भी समझ आएगी।