जनसंख्या दिवस के मौके पर बवाना में निकाली गई परिवार नियोजन जागरुकता रैली

  |    July 12th, 2019   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)- दिल्ली के उत्तरी जिले बवाना जे.जे कालोनी में जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य पर स्वास्थ्य विभाग की आशा कर्मियों द्वारा जन-जागरुकता रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तरी जिले के जिला दण्डाधिकारी दीपक अजुर्न शिंदे ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि परिवार नियोजन जैसे समसमायिक विषय पर दिल्ली सरकार के  स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयास सराहनीय है। जनता से अपील करते हुए कहा कि समस्त क्षेत्रवासी जनसंख्या वृद्धि नियंत्रण में सहयोग करे और सरकारी अस्पातालो व औषाधालायों में परिवार नियोजन से सम्बंधित स्थाई व अस्थाई उपायों की जानकारी व औषाधियों का लाभ उठाएं।

माननीय डी.एम. शिंदे ने बताया कि हम सब को एकजुट होकर जनसँख्या स्थिरीकरण का संदेश घर–घर तक पहुंचाना होगा कि नवदम्पति परिवार के विस्तार व विवाहित जीवन की खुशहाली के लिए दो बच्चो में तीन साल का अंतर अवश्य रखे। माँ और बच्चा अगर स्वस्थ होगा तभी स्वस्थ भारत का निर्माण होगा और राष्ट्र सार्थक प्रगाति करेगा।

मुख्य अतिथि जिला दण्डाधिकारी दीपक अजुर्न शिंदे ने सभा को अवगत कराया कि विश्व जनसंख्या दिवस केवल जनसंख्या को कम करने तक सिमित नहीं है बल्कि यह मौका है इस संदेश को आगे बढाने का कि परिवार नियोजन को अपनाने से जीवन खुशहाल हो जाता है। उन्होने इस अभियान को सफल बनाने व जनमानस में  जन-जागरुकता के प्रचार –प्रसार के लिए बवाना जे.जे कालोनी में आशा कर्मीयों को हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।  

मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. नमृता नय्यैर ने आशा रैली में स्वास्थ्य कर्मीयों व जनमानस को जानकारी देते हुए बताया कि इस पखवाडे के दौरान सरकारी औषाधलयों में सभी कार्य दिवसों पर पुरुष नसबंदी एनएसवी व महिला नलबंदी पर परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होने बताया कि यह सुरक्षित, सरल व स्थायी गर्भनिरोधक तरीका हैं जो ना केवल न्यूनतम अवधि में किया जा सकता हैं बल्कि लाभार्थी अतिशीघ्र सामान्य हो जाता हैं। जो पुरुष स्वंय प्रेरित होकर एनएसवी (N.S.V) करवाते है उन लाभार्थीयों के बैंक खाते में 1300 रुपये की राशि सरकार द्वारा हास्तांरित की जाती है।

आर.सी.एच. नोडल अधिकारी डाँ. ज्योति प्रकाश ने बताया कि इस पखवाडे के दौरान परिवार नियोजन के प्रति प्रत्येक वयस्क नागरिक के मानव व्यवहार व सोच मे बदलाव लाए बिना जनसंख्या वृद्धि की रोकथाम में किसी प्रकार के साकारात्मक परिणाम की आशा किया जाना संभव प्रतीत नहीं होता है। उन्होने कहा कि विकासशील भारत के इस स्वपन को साकार करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी, पी.एच.एन., स्टाफ नर्स, ए.एन.एम., आशा कर्मी, अधिकारी व अन्य गैर सरकारी सगंठन उतरी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों, सामुदियक परिसरो पर नुक्कड-नाटक, पोस्टर, बैनर, हैण्ड बिल, मुनादी, सामूहिक परिर्चचा, सभाओ व अन्य गतिविधियों के माध्यम से लोगो को जागरुक किया जाएगा।

 इस अवसर पर, एन.एच.एम. नोडल अधिकारी डाँ जूलियाना इक्का, डाँ प्रत्युश आन्नद, रतना यादव, तरुणा कौशिक, मो. दानिश, अर्पणा नोटियाल समेत कई अन्य गणमान्य अधिकारी व कर्मी भी उपस्थित रहे।