हर महिला एक क्षमता के साथ जन्म लेती है, उसे महसूस करें और अपना जुनून बनाएं : डॉ. संदीप मारवाह

  |    February 19th, 2020   |   0

महिलाओं को सपोर्ट करने वाली महिलाएं आश्चर्यजनक नतीजे दे सकती हैं : अंजू हांडा

नई दिल्ली(संवाददाता)- सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित प्लेटफ़ॉर्म शी-कनेक्ट्स ने हाल ही में वास्मे हाउस नोएडा में अपनी मासिक नेटवर्किंग मीट का आयोजन किया। श्रीमती अंजू हांडा द्वारा संचालित शी-कनेक्ट्स महिला सशक्तीकरण की दिशा में काम करते हुए उन्हें अपनी छिपी क्षमताओं को पहचानने और अपने जुनून के जरिए खुद के लिए एक अलग स्थान स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है।

बैठक में अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे और उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों व उद्यमियों को प्रेरित किया। मारवाह स्टूडियो के प्रेसीडेंट और शी-कनेक्ट्स के संरक्षक, डॉ. संदीप मारवाह ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि महिलाएं पहले से ही सशक्त हैं और अपने काम के प्रति समर्पित व ईमानदार हैं। उन्हें बिना किसी झिझक के अपने जुनून का पालन करना चाहिए और अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि वे सभी महिलाएं भाग्यशाली हैं जो राजधानी में पैदा हुई हैं, क्योंकि यहां सभी बुनियादी सुविधाएं अन्य स्थानों से कहीं बेहतर है और आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर भी यहां अधिक हैं।

एनएसआईसी में बिजनेस डवलपमेंट के महाप्रबंधक, विजय प्रकाश ने महिला उद्यमियों को सरकार द्वारा उपलब्ध विभिन्न योजनाओं के बारे में बहुत सारी आवश्यक जानकारी प्रदान की। शी-कनेक्ट्स की संस्थापक, अंजू हांडा ने उनके आश्वासन की सराहना की और अपने प्लेटफार्म शी-कनेक्ट्स को पूरे दिल से समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

वास्मे के कार्यकारी सचिव, संजीव लायक ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे और अपनी बातों से सभी महिलाओं को प्रोत्साहित व प्रेरित किया। उन्होंने हर संभव तरीके से महिलाओं को अपना सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

ऐसे कुछ वक्ता भी थे जिन्होंने अपनी प्रेरक बातों से माहौल को ऊर्जा से भर दिया। सिस्टुला ट्यूलिप के डॉ. माइक बेरी ने हमारे जीवन में संचार माध्यमों के प्रभाव पर अपने विचार रखे। शी-कनेक्ट्स की मीता चौधरी ने जागरूक सशक्तिकरण, श्वेता दीवान ने आहार और पोषण के जरिए रोगों से बचाव और रश्मि आहूजा ने आत्मप्रेम के बारे में बात की।

शी-कनेक्ट्स की संस्थापक श्रीमती अंजू हांडा ने सभी महिलाओं से खुद पर भरोसा रखने, अपने जुनून को पहचानने और उसे पूरी लगन से जीने को कहा। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक महिला किसी न किसी प्रतिभा के साथ जन्म लेती है और सभी महिलाओं में पर्याप्त ऊर्जा होती है। उसे पहचानने के लिए एक सही मंच की जरूरत होती है और ऊर्जा को बाहर लाने के लिए प्रेरणा चाहिए होती है। इस मौके पर उन्होंने अपनी पुस्तक- कैन आई टु आई कैन के तीसरे संस्करण का विमोचन किया। इस किताब के पहले दो संस्करणों में पहले ही 39 महिला उद्यमियों के संघर्ष और यात्रा की असली कहानियां दी हुई हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी शी-कनेक्ट्स से जुड़ने को कहा, क्योंकि उनकी नीति ही महिलाओं को महिलाओं से जोड़ने की है, तभी शी-कनेक्ट्स नाम सार्थक होता है।