एकलव्य सोसायटी ने निगम स्कूलों के प्रति लोगों की सोच बदली

  |    October 14th, 2017   |   0

सुभाष नगर में 9-ब्लॉक स्थित नगर निगम के स्कूल में पीटीएम आयोजित

नई दिल्ली (विद्यानंद मिश्र)- सुभाष नगर में 9-ब्लॉक स्थित दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के स्कूल में मंगलवार को अभिभावक व शिक्षकों के बीच होने वाली पीटीएम का आयोजन किया गया। जिसमें यहां के स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। पीटीएम का मुख्य उद्देश्य स्कूल में होने वाली गतिविधियों व छात्रों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार व गुणात्मक कार्यों के बारे में अभिभावकों को बताना और छात्रों की बेहतर शिक्षा के लिए उनके साथ चर्चा करना था।

PTM के मौके पर स्कूल में आए अभिभावकों से मिले मुनि इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर ने अभिभावकों से अपील की कि वो छात्रों को शिक्षित करने के लिए जम्मेदारी के साथ स्कूल को सहयोग करें। अपने बच्चों को घर पर पढाई के लिए माहौल दे, बच्चों के सामने झगङा न करें और बच्चों को मार-पीट कर नहीं प्यार से स्कूल जाने की आदत डालें। बच्चों की सोच को सकारात्म बनाने के लिए उसके अच्छे कार्यों की सराहना करें, उससे स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानें।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारे समाज के संभ्रांत लोग निगम स्कूलों को बहुत ही निम्न दर्जे का मानते हैं और यहां छात्रों को देख नाक-भौहे सिकोङते हैं। समाज के उन संभ्रात लोगों का निगम स्कूल और छात्रों के प्रति यह नज़रिया बदलाना ही हमारा लक्ष्य है।

डॉ. ठाकुर का कहना है कि अब वो दिन दूर नहीं, जब संभ्रांत परिवार के लोग भी निगम स्कूलों में अपने बच्चों को भेजना शुरू करेंगे और निगम स्कूलों में पढ़ने वाला हर छात्र अपने आपको गौरवान्वित महसूस करेगा।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले निगम विद्यालय इंचार्ज मोनिका जोली ने बताया कि बीते अप्रैल 2017 से सुभाष नगर के इस नगर निगम स्कूल को एकलव्य सोसायटी ने पीपीपी मॉडल पर गोद लिया था। इसके बाद यहां मुनि इंटरनेशनल स्कूल की शिक्षण-प्रशिक्षण पद्दति को अपना कर छात्रों की शिक्षा को बेहतर करने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बीते वर्षों के दौरान यहां छात्रों की संख्या 100-150 से अधिक नहीं होती थी लेकिन इस वर्ष छात्रों की संख्या का आंकङा 300 के पार है, कुछ माता-पिता ने तो अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूलों से निकाल कर यहां दाखिला करवाया है। क्योंकि अब यहां के बच्चे भी अंग्रजी बोलते हैं, विदेशी भाषा सीखते हैं और इनकी ड्रेस भी मुनि इंटरनेशनल स्कूल की होने के कारण यहां के छात्र भी प्राईवेट स्कूलों के छात्र लगते हैं। परिणाम स्वरूप इन में हरस्तर पर सुधार देखने को मिल रहा है, चाहे वो पढ़ने का तरीका हो या बोलने का लहजा, स्कूल आने की आदत हो या खाने-पीने का तरीका हर प्रकार से बदलाव दिख रहा है।

एकलव्य सोसायटी की कोर्डिनेटर (संयोजिका) स्वाती बाजपेयी ने बताया कि शुरू-शुरू में तो छात्रों व अभिभावकों के साथ तालमेल बनाने में काफी मशक्त करनी पङती थी, लेकिन अब दोनों की सोच बदली है, सुधार भी हुआ है। जो बच्चे पहले अपनी मर्जी से स्कूल आते थे वो अब रोज समय से स्कूल आते हैं, जो साफ सफाई का ध्यान नहीं रखते थे उनके माता-पिता उनको नहला के स्कूल भेजने लगे हैं, बच्चों की भाषा भी काफी रफ थी उसमें काफी सुधार हुआ है। इसके अलावा जो मां-बाप स्कूल में आने से डरते थे, अध्यापकों से बात करने में डरते थे वो माता-पिता भी पीटीएम में आने लगे हैं।

PTM में आए अभिभावकों ने बताया कि अब वो अपने बच्चों की आदतों से काफी खुश हैं, अब बच्चे अंग्रेजी बोलते हैं और जापानी भाषा भी सीखते हैं तो अच्छा लगता है, उनके बच्चों को बिना खर्च के प्राईवेट स्कूलों जैसी शिक्षा मिल रही है। अभिभावकों ने माना कि वो अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूल में पढ़ाने की सोच भी नही रखते थे, लेकिन भगवान का शुक्र है उनके बच्चों को यह नसीब हुआ है।