मुनि इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों से रूबरू हुए विधायक शिवचरण गोयल

  |    July 17th, 2017   |   0

नई दिल्ली(News4city)- उत्तम नगर के मोहन गार्डन स्थित मुनि इंटरनेशनल स्कूल में 6 जुलाई को दिल्ली के मोती नगर क्षेत्र से विधायक शिवचरण गोयल ने अपने साथियों के साथ विद्यालय का भ्रमण किया। विद्यालय पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधक अशोक ठाकुर व प्रशासनिक अधिकारी आशा सिंह ने विधायक व उनके साथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।इसके बाद विद्यालय प्रबंधक अशोक ठाकुर ने विधायक व उनके साथियों को मुनि इंटरनेशनल स्कूल की गतिविधियों व स्कूल के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया।  विद्यालय पहुंचे विधायक श्री गोयल के स्वागत में छात्रों ने देश व विदेशी भाषाओं में गीत गाया। इसके बाद अतिथियों का एक्यूप्रेशर चैक किया और विभिन्न कक्षाओं में उनके साथ जाकर उन्हें विद्यालय की शिक्षा प्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया। विद्यालय भ्रमण पर आए विधायक व उनके साथी यहां के छात्रों की दिनचर्या व शिक्षा पद्दति को समझ कर काफी अभीभुत हुए।

इतनी कम उम्र के छात्रों का जोश, आत्मविश्वास और कुशल व्यवहार व नेतृत्व क्षमता देख विधायक व उनके साथी दंग रह गए।

विद्यालय में लगभग दो घंटे से अधिक समय बिताने के बाद विधायक शिवचरण गोयल ने बताया कि यह स्कूल अन्य स्कूलों से हट कर है। बिना किसी अध्यापक के मार्गदर्शन में छात्रों द्वारा स्कूल के उद्देश्यों, दिनचर्या व यहां होने वाली गतिविधियों के बारे में बङी ही कुशलता के साथ समझाना दर्शता है कि यहां के छात्र अन्य स्कूलों से खास हैं। 

श्री गोयल ने माना कि मुनि इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधकों व अध्यापकों का बेहतर प्रयास है कि वो अपने स्कूल में छात्रों को आधुनिक दौर की शिक्षा व सफल जीवन के लिए व्यवहारिक ज्ञान भी दे रहे हैं। विधायक शिवचरण गोयल ने कहाकि वो इस स्कूल की शिक्षण-प्रणाली को अन्य स्कूलों में अपनाने के लिए सरकार से भी आग्रह करेंगे।

विद्यालय प्रबंधक अशोक ठाकुर का मानना है कि किताबी ज्ञान तो बच्चा कहीं से भी ले सकता है, लेकिन राष्ट्रहित में सोचना, समाज के उत्तथान का चिंतन करना और जीवन में सार्थक सिद्ध होने वाली शिक्षा उसे कहीं नहीं दी जाती, जोचिंता का विषय है, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ही हमने अपने छात्रों के लिए खास तरह की प्रशिक्षण पद्दति को अपनाया और हम सफल भी हुए।

श्री ठाकुर ने बताया कि मुनि इंटरनेशनल स्कूल में 7 देशों की भाषाएं सिखाने के साथ अग्रेजी को व्यवहार में अपनाया जाता हैं, देशी-विदेशी गीत-संगीत सिखाया जाता है। देश व समाज के लिए बेहतर काम करेने की प्ररेणा दी जाती है, जेब्रा-क्रॉसिंग समझाया जाता है, आपदा-प्रबंधन व आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाते हैं, ताकि युवाओं को जीवन में काम आ सकें और वो समाज में भी योगदान दे सके।