मुक्केबाजों को गलत जानकारी दे डीयू स्पोर्टस काउंसिल प्रदूषण में घटवा रही है वजन

  |    October 30th, 2019   |   0

पहले 64 और प्रतियोगिता के दिन 63 किलो भार वजन की बात कहकर मुक्केबाजों को स्पोर्टस काउंसिल ने डाला परेशानी में

नई दिल्ली (खेल डेस्क,विजय कुमार)- दिल्ली के प्रदूषण से एक तरफ जहां भारत और बांग्लोदश के बीच फीरोजशाह कोटला मैदान पर 3 नवंबर को होने वाले एक दिवसीय क्रिकेट मुकाबले पर काले बदल छाए हुए है। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय की स्पोर्टस काउंसिल अपने खिलाडियों की बिना परवाह किए उनको परेशानी में धकेल रहें है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोडीमल कालेज में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक अंतर कालेज मुक्केबाजी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। यहां पर जहां युवा मुक्केबाजों को प्रदूषण से ही नहीं काउंसिल के गलत नियमों से भी दो-दो हाथ करने पड रहें है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की स्पोर्टस काउंसिल 22 अक्टूबर को मुक्केबाजी के लिए एक सर्कुलर भेजता है, जिसमें वह पुरूष मुक्केबाजों के लिए एक वजन 64 किलोभार को भी शामिल करता है। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने पर जिस दिन प्रतियोगिता आयोजित होती है, उसी दिन अंतराष्टृीय नियमों की बात कहकर वह 64 किलोभार को बदल कर 63 किलोभार कर देते है। यहीं नहीं वजन बदलने की जानकारी भी मुक्केबाजों को उसी दिन मिलती है, जिस दिन उसको मुकाबला करना है। जिसका विरोध तो मुक्केबाज करते है, मगर दिल्ली विश्वविद्यालय की स्पोर्टस काउंसिल को इससे कुछ लेना देना नहीं।

ऐसे में मुक्केबाजों को अपना 1 किलो वजन तोडने के लिए जी तोड मेहनत करनी पडी है। मुक्केबाजों का कहना था कि दिल्ली के प्रदूषण के कारण उनको सबसे अधिक परेशानी उठानी पड रही है। उन्होंने जहां भूखे पेट रहकर,दौडकर वजन तोडने के लिए पता नहीं क्या क्या किया। इससे परेशानी यह हो रही है कि मुक्केबाज पहले तो प्रदूषण से परेशान दूसरा प्रतियोगिता के दौरान प्रदूषण के चलते ही उसका सांस भी जल्दी फूल रहा है। लेकिन इस बाबत कोई भी अधिकारी सुनने का तैयार नहीं है। जबकि नियम यह है कि अगर प्रतियोगिता में कोई भी बदलवा करना पडता है तो उसकी जानकारी कम से कम 24 घंटे पहले दी जानी चाहिए।

 इसको लेकर जब टूर्नामेंट की संयोजक किरोडीमल की प्रोफेसर बीनू गुप्ता से बात की तो उनका कहना था कि दिल्ली विश्वविद्यालय की स्पोर्टस काउंसिल पहले 64 किलो वजन को कहा था, 29 अक्टूबर को 63 किलोवजन घटाने का पत्र दिया। वह काउंसिल नियम के अनुसार ही कार्य कर है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की स्पोर्टस काउंसिल के चेयरमैन प्रो पंकज सिन्हा का कहना था कि प्रतियोगिता अंतराष्टृीय नियमों के अनुसार आयोजित होंगी। मगर वजनों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्टस काउंसिल के दो पत्रों और खिलाडियों को हो रही परेशानी पर सवाल किया तो  उन्होंने जवाब देने की बजाए कहा कि क्लास में पढा रहें है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की स्पोर्टस काउंसिल के निदेशक डा अनिल कलकल को कई बार फोन किया गया,मगर उनका कोई जवाब नहीं आया।