ऊँचे कट-ऑफ के खिलाफ सङकों पर उतरा केवाईएस

  |    June 21st, 2018   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)- क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने वंचित वर्ग से आने वाले छात्रों के लिए डीयू में सीट सुनिश्चित करने के लिए राज्य-व्यापी आन्दोलन छेड़ने का ऐलान किया है। इस आन्दोलन के तहत आने वाले दिनों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सरकारी स्कूल के छात्रों को सार्वजनिक वित्त-पोषित डीयू में उन्हें सीट देने की माँग पर लामबंद किया जाएगा।

ज्ञात हो कि कल केवाईएस कार्यकर्ताओं और दिल्ली के सरकारी स्कूल के छात्रों ने कल डीयू प्रशासन के ऊँचे एडमिशन कट-ऑफ निकालने के कदम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में कट-ऑफ का एक सांकेतिक पुतला जलाकर उसके द्वारा वंचित छात्रों से किये जा रहे भेदभाव की भर्त्सना की। साथ ही, आने वाले दिनों में केवाईएस ने राज्य-व्यापी आन्दोलन कर इस प्रदर्शन में सरकारी स्कूल के छात्र भी मौजूद थे, जिनको ऊँचे कट-ऑफ के कारण उच्च शिक्षा का स्वप्न छोड़ना पड़ेगा| ज्ञात हो कि यह कट-ऑफ शैक्षणिक रंगभेद ही कहा जा सकता है क्योंकि कट-ऑफ के माध्यम से बहुसंख्यक छात्र, जो वंचित परिवारों से आते हैं उन्हें उच्च शिक्षा से बाहर किया जाता रहा है।

डीयू प्रशासन द्वारा जारी उच्च कट-ऑफ से वंचित समुदाय के छात्रों को उच्च शिक्षा बाहर करने का रास्ता प्रशस्त होता है| हर वर्ष दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों के बढ़ते औसतन अंक और पास प्रतिशत की चर्चा होती है| परन्तु, इसके बावजूद सच्चाई है कि सरकारी स्कूलों के बहुसंख्यक छात्रों को डीयू के रेगुलर कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता है| ज्ञात हो कि सरकारी स्कूल के यह छात्र ज्यादातर सामाजिक और आर्थिक तौर पर वंचित वर्ग से आते हैं और स्लम और झुग्गी बस्ती में रहते हैं। इन छात्रों को को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी उच्च शिक्षा की ज्यादा ज़रुरत है| इसके विपरीत हर साल उन्हें कट-ऑफ के नाम पर बाहर कर दिया जाता है। साथ ही, इस व्यवस्थागत भेदभाव पर मीडिया में बहस भी नहीं होता, कि किस प्रकार वंचित छात्रों को वंचित रखने में किस तरह कट-ऑफ की नीति काम आती है।

केवाईएस पिछले कई सालों से डीयू में सीट और कॉलेज की बढ़ोत्तरी की मांग कर रहा है ताकि गरीब और वंचित वर्ग के छात्र  भी डीयू जैसे प्रमुख उच्च शिक्षण संसथान में दाखिला पा सकें| साथ ही, वो सरकारी स्कूल के छात्रों को रियायती अंक (डेप्रीवेशन पॉइंट्स) देने की माँग उठाता रहा है| केवाईएस आने वाले दिनों में दिल्ली विश्वविद्यालय की भेद-भावपूर्ण शिक्षा नीति के खिलाफ और वंचित छात्रों को सीट देने के संघर्ष को तीव्र करने का ऐलान किया है।