वीरभाषा हिंदी साहित्यपीठ द्वारा साहित्य रत्न से नवाजी गई लखनऊ की डॉ.कामिनी वर्मा

  |    June 30th, 2019   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)- वीरभाषा हिंदी साहित्यपीठ द्वारा आयोजित दो दिवसीय वार्षिकोत्सव में साहित्य, शिक्षा व अन्य क्षेत्रों की विभूतियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह सामाजिक साहित्यिक संस्था वीरभाषा हिंदी साहित्यपीठ के तत्वावधान में 27 व 28 जून 2019 को दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया।

मुरादाबाद  सिविल लाइन स्थित महाराजा इंटर कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव में पहले दिन हिंदी भाषा पर व्याख्यान, हिंदी के प्रचार प्रसार पर परिचर्चा, कवि सम्मेलन इत्यादि कार्यक्रम किये गए। जिसमे देश के जाने माने साहित्यकारों, शिक्षाविदों ने अपना व्यक्तव्य व कविता पाठ किया।

28 जून को समापन दिवस पर सुदूर क्षेत्रों से पधारे साहित्यकारों, शिक्षाविदों व अपने अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियो को को साहित्य वाचस्पति, ज्ञानाक्षर ज्ञान रत्न, साहित्य गौरव, साहित्य रत्न, पत्रकारिता रत्न, योग रत्न, शिक्षा रत्न, आदि सम्मानों से सम्मानित किया गया।

डॉ विष्णु भंडारी, डॉ रेणु सिरोया कुमुदिनी ‘ उदयपुर‘ , डॉ कामिनी वर्मा ‘ लखनऊ ‘ , डॉ ढुंडीराज उपाध्याय ‘ असम ‘, विजय तिवारी ‘ अहमदाबाद‘ , डॉ कल्पना आत्रेय ‘ असम ‘, डॉ सुषमा चौधरी ‘ दिल्ली ‘, रश्मि अग्रवाल ‘ नजीबाबाद’, डॉ संगमलाल ‘प्रतापगढ़’, प्रोफेसर अरविंद तिवारी ‘ बिहार ‘, डॉ मेघराज आत्रेय ‘जम्मू’ , प्रोफेसर आर सी शुक्ल, डॉ महेश दिवाकर, डॉ दिग्विजय शर्मा ‘आगरा’, सहित अनेक विभूतियों को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र , शील्ड व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

समारोह की समाप्ति पर वीरभाषा हिंदी साहित्यपीठ के संस्थापक रामवीर सिंह ‘वीर’ ने सभी सहयोगियों सहित देश के दूर दराज क्षेत्रों से आये साहित्यकारों, शिक्षाविदों, पत्रकारों का कार्यक्रम की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के आयोजन वर्षो से करते आ रहे है।