“दिल्ली पुलिस-दिल की पुलिस” अभियान ने दिखाया पुलिस का मानवीय चेहरा : लोकेश मुंजाल  

  |    July 7th, 2020   |   0

नई दिल्ली(संवाददाता)- बीते 24 मार्च को जब देश में लॉकडाउन लगाया गया, उसके बाद जनता की परेशानियों को दूर करने और उनकी सहायता करने के लिए जिस तरह से दिल्ली पुलिस दिल्ली के लोगों की मदद के लिए सामने आई।

उसने दिल्ली पुलिस का मानवीय चेहरा लोगों के सामने लाया है. जिसकी आज समाज का हर वर्ग तारीफ कर रहा है. यह विचार जी -17 फडरेशन के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध समाजसेवी लोकेश मुंजाल ने मीडिया के साथ विशेष बातचीत में प्रकट किया। लोकेश मुंजाल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली पुलिस ने लोगों की मदद के लिए एक अभियान भी शुरू किया था और इसका नाम दिया है- “दिल्ली पुलिस, दिल की पुलिस” जो दिल से करे, देश का काम। आज भी यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है।

इसके लिए दिल्ली के पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव जी का विशेष आभार जो उन्होंने मानवीयता और देश के नागरिकों की रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कोरोना संकट के दौर में पुलिस की छवि को और स्वच्छ और मानवीय बना दिया। अपने इस अनोखे अभियान में पूरी दिल्ली पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और पुलिसकर्मी ने अपनी जान की परवाह किये बिना दिन-रात देश की राजधानी में लोगों की सेवा और सहायता की।
लोकेश मुंजाल ने कोरोना महामारी की चपेट में आकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों व अधिकारियों को अपना श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि देश में भीतर जब ऐसा संकट आया तो हमें गर्व है, ऐसे जांबांज पुलिस के जवानों पर जिन्होंने अपने प्राण तक देशहित में दांव पर लगा दिए. यह देश उनका हमेशा कर्तज्ञ रहेगा।

लोकेश मुंजाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस का ऐसा मानवीय चेहरा हमारे देश की राजधानी में पहली बार देखा गया है जब दिल्ली पुलिस ने आगे बढ़कर ग़रीब लोगों को खाना खिलाना हो, सड़क पर ज़रूरतमंदों को मदद पहुंचाने का काम हो या फिर बुजुर्ग लोगों का ध्यान रखना हो, हर काम दिल्ली पुलिस ने दिल से किया है. और यहीं वजह है कि दिल्ली के लोगों को पुलिस का एक नया चेहरा देखने को मिला है।

इस कोरोना संकट के चलते लागू लॉकडाउन में वैसे तो सरकार और समाजसेवी संगठन बढ़-चढ़ कर लोगों की मदद कर रहे थे लेकिन दिल्ली पुलिस की जीतनी प्रशंसा की जाये उतनी ही कम है।