महामारी के सकंटकाल में दिल्ली सरकार के वर्ल्ड क्लास मोहल्ला क्लिनिक बंद क्यों : कप्तान सिंह सागवान

  |    July 14th, 2020   |   0

नई दिल्ली (संवाददाता)- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोविड-19 को लेकर जितने संजीदा रहते हैं, क्या उन्हें अन्य बीमारियों मरीजों के बारे में भी कभी सोचने का टाईम है? दिल्ली को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए शुरू किए गए वर्ल्ड क्लास मोहल्ला क्लिनिक आज महामारी के दौर में ठप्प क्यों हो गए हैं, यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि इन दिनों कोरोना के अलावा अन्य बीमारियां भी लोगों में हैं, कोरोना के दौर में वो कहीं छुप नहीं गई हैं। लेकिन कोरोना के शोर में अब बी.पी, शुग्र, जोड़ों का दर्द, दांत दर्द, किडनी रोग, हार्ट रोग जैसे समाज से गायब ही हो गए हैं। 

इन तमाम बातों पर चर्चाकरते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कप्तान सिंह सागवान ने आरोप लगाते हुए कहाकि आज केजरीवाल मोहल्ला कलिनिकों को छोड़कर अलग-अलग इलाके में जाकर कोविड-19 के मरीजों के लिए बड़े पैमाने पर बेड और टेस्ट को लेकर बड़े कदम उठा रहे हैं।

वहीं तिमारपुर इलाके के वजीराबाद में दो मोहल्ला क्लीनिक बने हुए हैं, ये दोनों ही मोहल्ला क्लीनिक बंद है। राम घाट के पास बने मोहल्ला क्लिनीक को देखिए जो बिल्कुल सुनसान इलाके में है। लेकिन इसको बंद किया हुआ है। वहीं संगम विहार गोल चक्कर के पास फ्लाईओवर के नीचे मोहल्ला क्लिनिक का भी यही हाल है, यहां भी ताला लटका हुआ है।

कांग्रेसी नेता सांगवान ने कहा कि ये दोनों ही मोहल्ला क्लीनिक ऐसी जगह पर हैं जहाँ कोविड-19 का टेस्ट बड़ी आसानी से कर सकते हैं और दूसरों को संक्रमण होने का खतरा भी नहीं है,लेकिन सरकार भीड़ वाले स्थानों पर कोरोना टेस्टिंग क्यों करवा रही है।

यहां गली नंबर 3 की डिस्पेंसरी जो कोविड-19 टेस्ट हो रहे हैं, यह काफी भीड़भाड़ वाला एरिया है। जहां लोगों संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। दिल्ली सरकार लोगों को दिखाने के लिए बड़े पैमाने में काम कर रही है। लेकिन वास्तविकता जमीनी स्तर पर कुछ और ही है।

उन्होंने कहाकि दिल्ली सरलकार के लोग जनहित के कार्यों में स्थानीय लोगों को शामिल नहीं करते हैं, जबकि सरकारी अधिकारियों की बजाया क्षेत्र की जानकारी रखने वाले लोगों से सलाह करके कोरोना टेस्टिंग सेंटर बनाते तो भीड़ से दूर का स्थान चुना जाता जहां लोगों को कम परेशानियां होती।

सरकार कोरोना के साथ-साथ अब अन्य बीमारियों के रोगियों के बारे में भी सोचे और जनता के लिए बने इन मौहल्ला कलिनिकों में चिकित्सा सुविधाएं शिघ्र शुरू करें। कोविड मरीजों के अलावा अन्य लोगों को भी चिकित्सा सुधाएं मिल सकें।