डीयू के 12 कॉलेजों के लिए दिल्ली सरकार ने रिलीज की 18 करोड़ 75 लाख की ग्रांट

  |    May 9th, 2020   |   0

नई दिल्ली (भावना सैनी)-दिल्ली सरकार ने दिल्ली विश्ववविद्यालय से सम्बद्ध अपने 12 कॉलेजों के लिए वित्त वर्ष-2020-21 के लिए 18 करोड़ 75 लाख रुपये की ग्रांट राशि को रिलीज कर दिया। लेकिन ग्रांट रिलिज होने से अध्यापकों में कोई खुशी नहीं है, क्योंकि इन कॉलेजों में से अधिकांश कॉलेजों के शिक्षकों को मार्च-अप्रैल माह का वेतन नहीं मिला है। इन कॉलेजों में 50 से 60 फीसदी एडहॉक टीचर्स, गेस्ट टीचर्स व कंट्रक्चुअल कर्मचारी है।

फोरम के चेयरमैन व दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडेमिक काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रोफेसर हंसराज ‘सुमन ‘ने बताया है कि दिल्ली सरकार के कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारी लॉक डाउन के चलते आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शिक्षकों और कर्मचारियों में ज्यादातर लोग किराए के मकानों में रहते हैं, अपनी ईएमआई, गाड़ी की क़िस्त आदि समय पर ना भरने की वजह से तनाव में है। उन्होंने बताया है कि पिछले कई महीनों में इन कॉलेजों की ग्रांट रिलीज कराने की मांग को लेकर डूटा ने विधानसभा पर कई बार धरना प्रदर्शन किया और हाल ही में डूटा के आह्वान पर 28 अप्रैल को भी शिक्षकों ने घरों में रहकर भूख हड़ताल की थीं। यही कारण है कि दिल्ली सरकार ने शिक्षकों के रोष को देखते हुए कॉलेजों को ग्रांट रिलीज की।

वहीं दूसरी ओर कॉलेजों को ग्रांट रिलीज होने पर शिक्षकों, कर्मचारियों में कोई खुशी का माहौल देखने को नहीं मिला, बल्कि उन्में सरकार के प्रति नाराजगी ही दिखी।

आर्यभट्ट कॉलेज के प्रोफेसर के.पी सिंह का कहना है कि लॉकडाउन में शिक्षक छात्रों को ऑन लाइन पढ़ा रहे हैं, उन्हें अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं लेकिन फिर भी सरकार उन्हें समय पर ग्रांट रिलीज नहीं करती, उनके साथ सौतेला व्यवहार कब तक?

एशोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार ने कहाकि दिल्ली सरकार द्वारा दी गई यह ग्रांट राशि पर्याप्त नहीं है। इससे पहले भी जो राशि दिल्ली सरकार ने कॉलेजों को दी थी उसमें फरवरी/मार्च का वेतन ही शिक्षकों और कर्मचारियों को दिया गया। मार्च के बाद नए बजट सत्र में कॉलेजों को और ग्रांट रिलीज करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन हाल ही में जो ग्रांट रिलीज हुई है उससे एक महीने का वेतन भी संभव नहीं है। उनका कहना है कि यह ग्रांट ऊंट के मुंह में जिरा साबित हो रहा है। अध्यापकों ने सरकारक के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहाकि सरकार एक साथ 4 या 6 महीने की ग्रांट क्यों नहीं रिलीज करती? शिक्षकों और कर्मचारियों का काफी समय ग्रांट रिलीज में ही व्यर्थ हो जाता है। इस समय कोरोना महामारी फैली हुई है और शिक्षकों पर आर्थिक संकट छाया है फिर भी सरकार समय पर सभी को पूरी सैलरी नहीं दे रही है।

जाने किस कॉलेज को मली कितनी ग्रांट

कॉलेज का नाम जारी ग्रांट करोड़ों में

आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज 2.33
अदिति कॉलेज —- 1.87
भगिनी निवेदिता— 1.30
भाष्कराचार्य कॉलेज— 1.43
भीमराव अंबेडकर कॉलेज– 2.18
दीनदयाल कॉलेज— 2.33
इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉलेज– 1.39
केशव महाविद्यालय— 1.50
महर्षि वाल्मीकि एप्लाइड—- —- 0
महाराजा अग्रसेन कॉलेज– 1.95
शहीद राजगुरू कॉलेज— 1.59
शहीद सुखदेव कॉलेज— 0.88
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कुल राशि —- 18.75 करोड़